शिमला: संजौली के पास भारी भूस्खलन, कई घरों पर खतरा, प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली इलाके में शनिवार तड़के हुए एक बड़े भूस्खलन ने कई परिवारों को दहशत में डाल दिया है। संजौली कॉलेज के पास स्थित बोथवेल क्षेत्र में सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच पहा
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली इलाके में शनिवार तड़के हुए एक बड़े भूस्खलन ने कई परिवारों को दहशत में डाल दिया है। संजौली कॉलेज के पास स्थित बोथवेल क्षेत्र में सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच पहाड़ी का एक हिस्सा खिसक गया, जिससे कई रिहायशी मकानों पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना में अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन लगातार गिर रहे मलबे ने स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना दिया है।
प्रशासन पर अनदेखी और लापरवाही के आरोप
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। एक निवासी पूनम चटक ने बताया कि भूस्खलन अभी भी जारी है, लेकिन प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा, "हमने सभी को फोन किया, पुलिस को भी सूचना दी। पुलिस आई जरूर, लेकिन करीब पांच मिनट रुककर चली गई।" लोगों का कहना है कि उन्होंने सुबह से ही पार्षद, विधायक और महापौर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया।
इलाके के लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि नगर निगम ने एक निजी निर्माण परियोजना के लिए पहाड़ी की बड़े पैमाने पर खुदाई की अनुमति दी थी, जिसे वे इस भूस्खलन का एक बड़ा कारण मान रहे हैं।
एक साल पहले भी हुआ था ऐसा ही हादसा
यह घटना लोगों को पिछले साल की याद दिला रही है। ठीक इसी जगह पर 28 जून 2025 को भी एक बड़ा भूस्खलन हुआ था, जब भारी मलबा और चट्टानें घरों पर आ गिरी थीं। उस हादसे में कई महिलाएं और बच्चे मलबे में फंस गए थे। अब एक बार फिर वैसी ही स्थिति बनने की आशंका से लोग सहमे हुए हैं और जिला प्रशासन से तत्काल राहत व सुरक्षा के कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
इनपुट: IANS



