कर्नाटक: साहूकार की प्रताड़ना से तंग आकर ऑटो चालक ने वीडियो बनाते हुए दी जान
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में कर्ज के बोझ तले दबे एक 36 वर्षीय ऑटो चालक ने कथित तौर पर साहूकार की प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। इस भयावह घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे पीड़ित ने
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में कर्ज के बोझ तले दबे एक 36 वर्षीय ऑटो चालक ने कथित तौर पर साहूकार की प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। इस भयावह घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे पीड़ित ने अपनी जान देने से ठीक पहले रिकॉर्ड किया था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस वीडियो में वह जहर पीते हुए अपनी आपबीती सुना रहा है।
मृतक की पहचान यूसुफ के रूप में हुई है, जो थानिसंद्रा इलाके का रहने वाला था। परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, यूसुफ ने उमेश नाम के एक साहूकार से 1.75 लाख रुपये का कर्ज लिया था। परिवार का आरोप है कि उमेश इस रकम पर 30 प्रतिशत की भारी मासिक ब्याज दर वसूल रहा था और पैसे चुकाने के लिए लगातार दबाव बना रहा था। पुलिस के अनुसार, यूसुफ ने यह कदम उठाने से पहले अपने ऑटो-रिक्शा में बैठकर एक वीडियो बनाया, जिसमें उसने जहर की बोतल खोलकर उसे पी लिया।
वीडियो में यूसुफ ने आरोप लगाया कि उमेश ने उसे 20% और 30% की ब्याज दरों पर दो अलग-अलग कर्ज दिए थे। उसने कहा कि व्यापार में मंदी के कारण वह इतनी ऊंची ब्याज दर चुकाने में असमर्थ था, लेकिन साहूकार उसे कोई राहत नहीं दे रहा था। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि उमेश ने यूसुफ को धमकाया और उसके परिवार की महिलाओं के बारे में अपमानजनक बातें भी कहीं। बेंगलुरु पुलिस ने परिवार की शिकायत पर उमेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कर्नाटक में एक और मामला
यह घटना राज्य में साहूकारों की प्रताड़ना से जुड़ी आत्महत्या की अकेली घटना नहीं है। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को गदग शहर में भी संपथ डंडागी नामक एक व्यक्ति ने इसी तरह के कारणों से आत्महत्या कर ली थी। संपथ एक किताबों की दुकान चलाते थे और रियल एस्टेट कारोबार से भी जुड़े थे।
पुलिस के अनुसार, संपथ ने भी आत्महत्या से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया और एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उन्होंने साहूकारों पर यह कदम उठाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, संपथ ने 15 लाख रुपये का कर्ज लिया था और हर महीने करीब 56,000 रुपये ब्याज चुका रहे थे। एक महीने का ब्याज न चुका पाने के कारण उन्हें लगातार फोन पर धमकियां मिल रही थीं।
इनपुट: IANS



