कोलकाता: TMC मुख्यालय पर पार्टी के बागी गुट का कब्ज़ा, 2027 तक का किया लीज़ एग्रीमेंट
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान अब पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर आकर टिक गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पार्टी से निष्कासित विधायक रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट…
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान अब पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर आकर टिक गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पार्टी से निष्कासित विधायक रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने कोलकाता के मेट्रोपॉलिटन भवन स्थित दफ़्तर पर आधिकारिक कब्ज़ा कर लिया है। बागी गुट ने बिल्डिंग के मालिक के साथ 2027 तक के लिए एक लीज़ एग्रीमेंट भी कर लिया है।
यह घटनाक्रम तब हुआ जब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने दफ़्तर का लीज़ एग्रीमेंट खत्म करने का फैसला किया। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी को मिली भारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस दो धड़ों में बंट गई थी। एक गुट का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी कर रहे हैं, जबकि दूसरे बागी गुट की कमान रितब्रत बनर्जी के हाथ में है, जो वर्तमान में पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता भी हैं।
मुख्यालय पर कब्ज़े की लड़ाई
पिछले महीने से ही दोनों गुटों के बीच कोलकाता के इस दफ़्तर पर कब्ज़े को लेकर विवाद चल रहा था। ममता बनर्जी के खेमे ने अंततः बिल्डिंग मालिक के साथ अपना करार खत्म कर दिया और फिलहाल वे दक्षिण कोलकाता में कालीघाट स्थित अपने आवास से पार्टी का कामकाज देख रहे हैं।
इसका फ़ायदा उठाते हुए रितब्रत बनर्जी के गुट ने तुरंत बिल्डिंग मालिक से संपर्क साधा और 2027 तक के लिए एक नया लीज़ एग्रीमेंट साइन कर लिया। इस क़दम ने दफ़्तर से उनकी गतिविधियों को संचालित करने की सभी बाधाएं दूर कर दी हैं।
बागी गुट की भावी रणनीति
बताया जा रहा है कि बागी गुट के विधायक अब नियमित रूप से इसी दफ़्तर में बैठेंगे और पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों को यहीं से चलाएंगे। इसके लिए एक रोस्टर तैयार किया जाएगा, जिसके आधार पर विधायक और नेता बारी-बारी से दफ़्तर का काम संभालेंगे। सूत्रों के मुताबिक, नए गुट की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक की तारीख भी अगले दो दिनों में तय कर दी जाएगी।
इनपुट: IANS



