एक प्रोजेक्ट की बढ़ी लागत ने बिगाड़ा Thermax का खेल, पहली तिमाही में मुनाफा 83% लुढ़का, शेयर धड़ाम
एक बड़ी इंजीनियरिंग कंपनी थर्मैक्स लिमिटेड के शेयरों में शुक्रवार को भारी गिरावट दर्ज की गई, जब कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के बेहद कमजोर नतीजे जारी किए। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक…
एक बड़ी इंजीनियरिंग कंपनी थर्मैक्स लिमिटेड के शेयरों में शुक्रवार को भारी गिरावट दर्ज की गई, जब कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के बेहद कमजोर नतीजे जारी किए। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, कंपनी का मुनाफा 83% से ज्यादा गिरने और एक प्रोजेक्ट की लागत में अप्रत्याशित बढ़ोतरी की खबर से निवेशकों में बिकवाली की होड़ मच गई, जिससे शेयर दिन के कारोबार में 16% से ज्यादा टूट गया।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजों के अनुसार, कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ (consolidated net profit) सालाना आधार पर 83.4% घटकर सिर्फ 25.2 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 152.4 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इस भारी गिरावट का असर सीधे कंपनी के शेयरों पर दिखा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कारोबार के दौरान शेयर 16 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 3,566.50 रुपये के इंट्रा-डे निचले स्तर तक पहुंच गया।
मुनाफा क्यों गिरा?
थर्मैक्स ने बताया कि इस खराब प्रदर्शन की मुख्य वजह उसके इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट का एक प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की अनुमानित लागत में 91 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो गई, जिसका सीधा असर मुनाफे पर पड़ा।
इसके अलावा, पिछले साल के ऊंचे आधार (high base) का भी असर रहा। कंपनी के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसकी एक सहायक कंपनी को इंसेंटिव स्कीम के तहत 56 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हुई थी, जिससे उस तिमाही के आंकड़े बेहतर दिख रहे थे। रिपोर्टिंग अवधि में इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स के निर्यात में आई कमी ने भी कंपनी की लाभप्रदता को प्रभावित किया।
राजस्व बढ़ा, पर मार्जिन घटा
हालांकि, मुनाफे में भारी गिरावट के बावजूद कंपनी का परिचालन से राजस्व (revenue from operations) 6.7% बढ़कर 2,303 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 2,158 करोड़ रुपये था। लेकिन कंपनी के परिचालन प्रदर्शन यानी EBITDA (ब्याज, टैक्स और अन्य कटौतियों से पहले की कमाई) में 69.5% की बड़ी गिरावट आई और यह 68.6 करोड़ रुपये रह गया। इसके चलते कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 10.4% से घटकर सिर्फ 3% पर आ गया।
इस बीच, कंपनी के निदेशक मंडल ने थर्मैक्स बायोएनर्जी सॉल्यूशंस, थर्मैक्स कूलिंग सॉल्यूशंस और थर्मैक्स लिमिटेड के विलय की प्रस्तावित योजना को भी अपनी मंजूरी दे दी है।
इनपुट: IANS



