बडगाम के युसमर्ग में सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेरा, बड़े ऑपरेशन की तैयारी
जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों ने एक बड़े तलाशी अभियान के दौरान कुछ आतंकवादियों को घेर लिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह ऑपरेशन गुरुवार को युसमर्ग के ऊंचे पहाड़ी इलाके में खुफिया…
जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों ने एक बड़े तलाशी अभियान के दौरान कुछ आतंकवादियों को घेर लिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह ऑपरेशन गुरुवार को युसमर्ग के ऊंचे पहाड़ी इलाके में खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया, जहाँ दो आतंकियों के छिपे होने की आशंका है।
जानकारी के अनुसार, सेना के पैरा कमांडो और राष्ट्रीय राइफल्स ने मिलकर घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) चलाया। उच्च पदस्थ सूत्रों ने एजेंसी को बताया कि युसमर्ग के ऊंचे इलाकों में गश्त कर रहे 10 पैरा कमांडो का सामना छिपे हुए आतंकवादियों से हुआ। इसके बाद इलाके की घेराबंदी और मजबूत कर दी गई।
तलाशी अभियान और सुरक्षा व्यवस्था
एक वरिष्ठ सूत्र ने पुष्टि की है कि 53 राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने भी मौके पर पहुंचकर घेराबंदी को और कड़ा कर दिया है, ताकि आतंकवादी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग न सकें। यह इलाका खानसाहिब पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है। अभियान में मदद के लिए पुलिस और सीआरपीएफ की अतिरिक्त टुकड़ियों को भी मौके पर भेजा गया है।
बडगाम में पहले हुए बड़े ऑपरेशन
बडगाम जिला पहले भी कई बड़े आतंकवाद-रोधी अभियानों का गवाह रहा है। जनवरी 2023 में, चरार-ए-शरीफ और रेडबुग इलाकों में हुई मुठभेड़ों में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादी मारे गए थे। इसी तरह, जनवरी 2022 में जोलवा चाडूरा गांव में रात भर चले एक ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकी मारे गए थे। अक्टूबर 2020 में भी चाडूरा और नौगाम में मुठभेड़ हुई थी।
जिले का सबसे बड़ा ऑपरेशन 1995 में चरार-ए-शरीफ कस्बे में हुआ था, जब पाकिस्तानी आतंकवादी मस्त गुल ने ऐतिहासिक सूफी दरगाह पर कब्जा कर लिया था। यह सैन्य गतिरोध 66 दिनों तक चला था। अंत में, आतंकवादियों द्वारा लगाई गई आग में दरगाह और सैकड़ों घर जल गए थे, जिसका फायदा उठाकर मस्त गुल पाकिस्तान भाग गया। इस टकराव में करीब 20 आतंकवादी, दो सैनिक और पांच नागरिक मारे गए थे।
इनपुट: IANS



