तेलंगाना: किसान से पूछा 'कीटनाशक नहीं खाया?', असंवेदनशील टिप्पणी पर तहसीलदार सस्पेंड
तेलंगाना के सिद्दिपेट जिले में एक किसान के प्रति अपमानजनक और असंवेदनशील टिप्पणी करने के आरोप में एक वरिष्ठ राजस्व अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद…
तेलंगाना के सिद्दिपेट जिले में एक किसान के प्रति अपमानजनक और असंवेदनशील टिप्पणी करने के आरोप में एक वरिष्ठ राजस्व अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सरकार ने यह कार्रवाई की, जिसमें गजवेल के तहसीलदार चिट्टमपल्ली स्वामी किसान से यह पूछते हुए दिखाई दे रहे हैं कि क्या उसने अभी तक कीटनाशक नहीं खाया है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह पूरी घटना तब सामने आई जब अधिकारी और किसान के बीच बातचीत का एक वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में किसान येसु अपनी जमीन से जुड़ी समस्या लेकर अधिकारी के पास पहुंचे थे। इसी दौरान तहसीलदार ने उनसे पूछा, “क्या तुम अभी भी जिंदा हो? क्या तुमने अभी तक कीटनाशक नहीं खाया?”
वायरल वीडियो और प्रशासनिक कार्रवाई
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के फैलते ही लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिला और कई किसान संगठनों ने अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले का संज्ञान लेते हुए सिद्दिपेट की जिला कलेक्टर के. हैमावती ने राजस्व मंडल अधिकारी (RDO) को जांच के निर्देश दिए। RDO की शुरुआती जांच रिपोर्ट में तहसीलदार का व्यवहार अनुचित पाया गया, जिसके आधार पर कलेक्टर ने उनके निलंबन का आदेश जारी कर दिया। आदेश के तहत, चिट्टमपल्ली स्वामी को बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय छोड़ने से भी मना किया गया है।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला गजवेल मंडल के मक्ता मसानपल्ली गांव के किसान येसु से जुड़ा है। एक अन्य वीडियो में येसु ने बताया कि यह घटना करीब 5-6 महीने पुरानी है। वह रीजनल रिंग रोड (RRR) के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजे को लेकर अपने रिश्तेदारों के साथ हुए विवाद के सिलसिले में तहसीलदार से मिलने गए थे। किसान के मुताबिक, जब वह अपनी परेशानी बता रहे थे, तभी अधिकारी ने यह अपमानजनक टिप्पणी की थी। वीडियो में यह भी दिखता है कि जब येसु ने पूछा कि क्या उन्होंने जानबूझकर ऐसा कहा, तो अधिकारी ने जवाब दिया, “हां, मैंने कहा। बिल्कुल, मैंने कहा।” हालांकि, किसान ने यह भी बताया कि मुआवजे की रकम उनके बैंक खाते में जमा होने के बाद अब जमीन का मामला सुलझ चुका है।
इनपुट: IANS



