रविवार, 11 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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मणिपुर: तीन पहाड़ी ज़िलों में हिंसा भड़की, 9 लोगों की मौत; मुख्यमंत्री ने की शांति की अपील

मणिपुर के तीन पहाड़ी जिलों में नागा और कुकी समुदायों के बीच हुई ताजा हिंसक झड़पों ने एक बार फिर तनाव बढ़ा दिया है। शुक्रवार और शनिवार को हुई इन घटनाओं में एक महिला समेत नौ लोगों की मौत हो गई, जिसे…

मणिपुर: तीन पहाड़ी ज़िलों में हिंसा भड़की, 9 लोगों की मौत; मुख्यमंत्री ने की शांति की अपील
(फोटो: IANS)

मणिपुर के तीन पहाड़ी जिलों में नागा और कुकी समुदायों के बीच हुई ताजा हिंसक झड़पों ने एक बार फिर तनाव बढ़ा दिया है। शुक्रवार और शनिवार को हुई इन घटनाओं में एक महिला समेत नौ लोगों की मौत हो गई, जिसे राज्य में इस साल के सबसे घातक घटनाक्रमों में से एक माना जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने रविवार को जानकारी दी कि मृतकों में छह नागा, दो कुकी और गोरखा समुदाय के एक किसान शामिल हैं।

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हालांकि रविवार को कामजोंग, उखरुल और कांगपोकपी जिलों से किसी नई हिंसक घटना की सूचना नहीं मिली, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में गश्त और तलाशी अभियान तेज कर दिए हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

मुख्यमंत्री की शांति की अपील

इस बीच, मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने हिंसा की कड़ी निंदा की है और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, "मैं कामजोंग और कांगपोकपी जिलों में निर्दोष नागरिकों की हत्या और हुई हिंसा की निंदा करता हूं।" उन्होंने अधिकारियों को स्थिति पर काबू पाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न समुदायों के जनप्रतिनिधियों और नागरिक संगठनों से भी संयम बरतने और तनाव कम करने में सहयोग की अपील की।

हिंसा की शुरुआत और घटनाक्रम

हिंसा का यह नया दौर शुक्रवार रात कामजोंग जिले के चासाद गांव में 42 वर्षीय डोमखोनेई ताउथांग की हत्या के बाद शुरू हुआ। पांच बच्चों की माँ ताउथांग को गोली लगी और कुछ ही मिनटों में उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद कुकी और नागा सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई, जो शनिवार तक चली, जिसमें एक 23 वर्षीय युवक की भी जान चली गई और 10 घर जला दिए गए।

शनिवार को कांगपोकपी जिले में एक अलग घटना में संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें नागा समुदाय के दो ग्राम रक्षक एम. दैमाई और आर. गंगमेई शामिल थे। इसी तरह, कामजोंग जिले के निंगचौ गांव में हुए एक अन्य हमले में 35 वर्षीय नगाचांसो निंगशेन और 48 वर्षीय लेइशिशान लेइशादांग की मौत हो गई। उखरुल जिले में एक वाहन पर हुई गोलीबारी में नेपाली समुदाय के 40 वर्षीय संदीप राय की मृत्यु हो गई।

प्रशासनिक कदम और मौजूदा हालात

हिंसा की आशंका को देखते हुए कामजोंग के जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने और हथियार लेकर चलने पर रोक लगा दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस साल फरवरी से इन जिलों में दोनों समुदायों के बीच हुई झड़पों में 40 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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