मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष एकजुट, दिल्ली में प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों पर विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विभिन्न नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक सीईसी…
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों पर विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विभिन्न नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक सीईसी अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, यह आंदोलन देश भर में जारी रहेगा। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के कनॉट प्लेस में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
हिरासत में लिए गए लोगों में सीपीआई (एम) के सांसद जॉन ब्रिटास भी शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह ज्ञानेश कुमार का समर्थन कर रहे हैं। ब्रिटास ने इस प्रदर्शन को एक राष्ट्रीय आंदोलन बताते हुए कहा कि यह ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा।
विपक्षी दलों का सरकार पर निशाना
विभिन्न शहरों से विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मुंबई में कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने बड़ी संख्या में युवाओं के सड़कों पर उतरने को सरकार के लिए एक चेतावनी बताया। उन्होंने कहा, "सरकार चाहे जो कर ले, चाहे सेना, अर्धसैनिक बल, रिजर्व बल या पूरी पुलिस फोर्स लगा दे, युवा विरोध करते रहेंगे। मैं विशेष रूप से मानता हूं कि जिस तरह से युवा महिलाएं लड़ रही हैं, वह इस देश का भविष्य हैं।"
इसी तरह, लखनऊ में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी आंदोलन जारी रखने की बात दोहराई। उन्होंने इस प्रदर्शन को किसी पार्टी का नहीं, बल्कि 'जेन जी' का आंदोलन करार देते हुए कहा, "भारत का युवा जान चुका है कि ज्ञानेश कुमार किसके लिए वोट चोरी कर रहे हैं।" समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने भी कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अनुमति मिलनी चाहिए और आरोप लगाया कि पूरा देश जानता है कि ज्ञानेश कुमार ने "वोट चोरी की है"।
इनपुट: IANS



