तेलंगाना की प्रति व्यक्ति आय में बड़ा उछाल, CM रेवंत रेड्डी ने बताया कैसे हुआ संभव
तेलंगाना के लोगों की औसत कमाई में एक साल के भीतर 10% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शनिवार को बताया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय अब बढ़कर 4,18,931 रुपये हो गई है, जो…
तेलंगाना के लोगों की औसत कमाई में एक साल के भीतर 10% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शनिवार को बताया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय अब बढ़कर 4,18,931 रुपये हो गई है, जो पिछले साल 3,80,031 रुपये थी। यह जानकारी समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट में सामने आई है।
सोशल मीडिया पर जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस एक साल की अवधि में राज्य के हर नागरिक की औसत आय में 38,900 रुपये का इज़ाफ़ा हुआ है, जो 10.23% की वृद्धि दर को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय दिसंबर 2023 में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद लागू की गई नीतियों को दिया। उन्होंने तेलंगाना को देश के 'टॉप परफॉर्मिंग' राज्यों में से एक बताया।
विकास का श्रेय नीति-आधारित शासन को
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के अनुसार, यह आर्थिक सफलता कई वजहों से हासिल हुई है। उन्होंने इसके पीछे आर्थिक विकास, निवेश को बढ़ावा देना, रोज़गार सृजन, सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास और तदर्थवाद की जगह नीति-आधारित शासन को वजह बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की कड़ी मेहनत, लगातार समीक्षा, बारीकियों पर ध्यान और सभी हितधारकों के साथ निरंतर संवाद ने इस वृद्धि को संभव बनाया है।
उन्होंने कहा, "हमने एक दशक की नाकाम सरकार और निराशा के माहौल को बदला है और हर नागरिक तथा शासन के हर पहलू में आशा और उम्मीद का संचार किया है।" मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस सफलता का सबसे अधिक लाभ महिलाओं, किसानों और युवाओं को मिल रहा है और आने वाले वर्षों में राज्य और भी बड़ी सफलता हासिल करेगा।
सिंचाई परियोजनाओं पर सुप्रीम कोर्ट से राहत
इसी बीच, राज्य के परिवहन और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने मुख्यमंत्री से उनके आवास पर मुलाकात की। उन्होंने गौरावेल्ली, पलामुरु-रंगारेड्डी और सीतम्मा सागर सिंचाई परियोजनाओं के लिए मिली पर्यावरणीय मंजूरी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरकरार रखे जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मंत्री प्रभाकर ने कहा कि यह अनुकूल फैसला मुख्यमंत्री के सक्रिय प्रयासों का नतीजा है, जिसमें केंद्र सरकार से परामर्श और सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी की नियुक्ति जैसे कदम शामिल थे। उन्होंने कहा कि इस फैसले से इन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को नई गति मिलेगी, जिससे लाखों एकड़ ज़मीन को सिंचाई और पीने का पानी उपलब्ध होगा, जो किसानों और ग्रामीण विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
इनपुट: IANS



