जादवपुर यूनिवर्सिटी: पीएचडी दाखिले में धांधली के आरोप, शिक्षक संगठन ने की CBI जांच की मांग
कोलकाता की प्रतिष्ठित जादवपुर यूनिवर्सिटी एक बार फिर चर्चा में है, इस बार वजह पीएचडी दाखिलों में कथित अनियमितताएं हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, 'अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक…
कोलकाता की प्रतिष्ठित जादवपुर यूनिवर्सिटी एक बार फिर चर्चा में है, इस बार वजह पीएचडी दाखिलों में कथित अनियमितताएं हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, 'अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ' (ABRSM) नामक शिक्षक संगठन ने इस मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन ने सोमवार को यूनिवर्सिटी के कुलपति को इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा है।
यह पूरा विवाद एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद शुरू हुआ। संगठन का आरोप है कि इस रिकॉर्डिंग से संकेत मिलते हैं कि इंटरनेशनल रिलेशंस डिपार्टमेंट में दाखिला प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
क्या हैं ऑडियो रिकॉर्डिंग के आरोप?
ज्ञापन के मुताबिक, ऑडियो में कथित तौर पर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) से जुड़े एक छात्र अनुस्तूप चक्रवर्ती को पीएचडी प्रोग्राम में दाखिला दिलाने की बात हो रही है। बताया गया है कि मेरिट लिस्ट में 24वीं रैंक होने के बावजूद उनका नाम शीर्ष तीन उम्मीदवारों में शामिल करने का प्रयास किया गया।
संगठन ने इस बात पर भी गंभीर चिंता जताई है कि ऑडियो बातचीत में CPI(M) नेता और जादवपुर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (JUTA) के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर पार्थ प्रतिम रे का नाम बार-बार सामने आया है। पत्र में कहा गया है कि यदि यह रिकॉर्डिंग प्रामाणिक है, तो यह यूनिवर्सिटी की दाखिला प्रक्रिया की पारदर्शिता और ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
संस्थान की प्रतिष्ठा दांव पर
ABRSM का मानना है कि इस तरह की कोई भी धांधली न केवल योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय है, बल्कि यह जादवपुर यूनिवर्सिटी की अकादमिक विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाएगी। संगठन ने अपने पत्र में मांग की है कि यूनिवर्सिटी इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करे।
संगठन ने कुलपति से आग्रह किया है, "एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच के जरिए सच्चाई सामने आनी चाहिए, ताकि किसी को बचाया या निशाना न बनाया जाए।" उन्होंने उम्मीद जताई कि यूनिवर्सिटी इस मामले में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।
इनपुट: IANS



