भारत-बेल्जियम संबंध: प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर पहली आधिकारिक यात्रा पर दिल्ली आएंगे, पीएम मोदी से होगी मुलाकात
भारत और बेल्जियम अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम बढ़ाने जा रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर 2 से 4 सितंबर तक भारत की अपनी…
भारत और बेल्जियम अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम बढ़ाने जा रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर 2 से 4 सितंबर तक भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। इस दौरे का मुख्य आकर्षण 3 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता होगी।
पिछले साल फरवरी में पदभार संभालने के बाद यह प्रधानमंत्री डी वेवर का पहला भारतीय दौरा है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच होने वाली बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा होगी। इसके साथ ही, आपसी हित से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। इस यात्रा में बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकेन भी उनके प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे।
व्यापार और निवेश पर फोकस
इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण एजेंडा व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री डी वेवर भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के संदर्भ में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित एक व्यावसायिक कार्यक्रम में मुख्य भाषण देंगे। दिल्ली में अपने कार्यक्रमों के बाद, वह मुंबई का भी दौरा करेंगे, जहाँ वे हीरा, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े हितधारकों के साथ बातचीत करेंगे।
रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी मजबूती
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस यात्रा से भारत-बेल्जियम साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा। यह व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाएगा।
यह यात्रा हाल ही में हुई उच्च-स्तरीय वार्ताओं की अगली कड़ी है। पिछले महीने ही विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ब्रसेल्स में अपने बेल्जियम के समकक्ष मैक्सिम प्रीवोट से मुलाकात की थी। 15 जुलाई को हुई उद्घाटन भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता के दौरान दोनों मंत्रियों ने राजनीतिक, आर्थिक, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा और फार्मास्यूटिकल क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की थी। डॉ. जयशंकर ने इस बैठक को भारत के बेल्जियम और यूरोपीय संघ के साथ संबंधों की महत्वाकांक्षा को दर्शाने वाला बताया था।
उल्लेखनीय है कि बेल्जियम उन पहले यूरोपीय देशों में से एक था, जिन्होंने सितंबर 1947 में स्वतंत्र भारत के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। बेल्जियम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का भी समर्थन करता है।
इनपुट: IANS



