तमिलनाडु में परिसीमन पर सियासी मंथन, मुख्यमंत्री विजय ने 8 अगस्त को बुलाई सभी सांसदों की बैठक
केंद्र सरकार की प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया को लेकर तमिलनाडु में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। राज्य पर इसके संभावित प्रभावों पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री एस. जोसेफ विजय ने 8 अगस्त को प्रदेश के…
केंद्र सरकार की प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया को लेकर तमिलनाडु में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। राज्य पर इसके संभावित प्रभावों पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री एस. जोसेफ विजय ने 8 अगस्त को प्रदेश के सभी सांसदों की एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण पर एक आम सहमति बनाना है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बैठक चेन्नई के चेपॉक स्थित कलाईवनार अरंगम में दोपहर 3 बजे आयोजित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे। नई दिल्ली स्थित तमिलनाडु हाउस के माध्यम से राज्य के सभी लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों को इसमें शामिल होने और अपनी राय रखने के लिए निमंत्रण भेजे जा रहे हैं।
क्यों अहम है यह बैठक?
यह परामर्श इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि ऐसी आशंकाएं हैं कि केंद्र सरकार संसद के मौजूदा मानसून सत्र के दौरान परिसीमन से संबंधित विधायी कदम उठा सकती है। परिसीमन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत जनसंख्या और संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं को फिर से व्यवस्थित किया जाता है।
यह मुद्दा एक बड़े राजनीतिक विषय के रूप में उभरा है, क्योंकि चिंता जताई जा रही है कि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है, उन्हें नुकसान हो सकता है। यदि जनसंख्या को ही सीटों के पुनर्वितरण का मुख्य आधार बनाया गया, तो ऐसे राज्यों की संसदीय सीटों में कमी आ सकती है, जिसका सीधा असर संसद में उनके प्रतिनिधित्व पर पड़ेगा।
चर्चा के मुख्य बिंदु और उद्देश्य
मुख्यमंत्री विजय की सरकार इस बैठक के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर कोई भी कदम उठाए जाने से पहले राज्य के सांसदों को एक मंच पर लाना चाहती है। उम्मीद है कि इस बैठक में परिसीमन के संभावित परिणामों की गहन जांच की जाएगी। साथ ही, इस बात पर भी चर्चा होगी कि यदि यह मुद्दा संसद में उठता है तो सांसदों को क्या रुख अपनाना चाहिए।
इस बैठक से विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और तमिलनाडु के हितों की रक्षा के लिए एक साझा दृष्टिकोण विकसित करने पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिलेगा। 8 अगस्त की इस बैठक के नतीजे, भविष्य में केंद्र के किसी भी परिसीमन प्रस्ताव पर राज्य की राजनीतिक प्रतिक्रिया को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इनपुट: IANS



