शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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पंजाब का वित्तीय संकट: हर 1 रुपये की कमाई में से 23 पैसे सिर्फ कर्ज चुकाने में जा रहे - मनीष तिवारी

पंजाब के वित्तीय स्वास्थ्य पर गंभीर चिंता जताते हुए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बताया है कि राज्य की कुल राजस्व आय का 23 प्रतिशत से अधिक हिस्सा सिर्फ कर्ज चुकाने में ही खर्च हो रहा है। समाचार…

पंजाब का वित्तीय संकट: हर 1 रुपये की कमाई में से 23 पैसे सिर्फ कर्ज चुकाने में जा रहे - मनीष तिवारी
(फोटो: IANS)

पंजाब के वित्तीय स्वास्थ्य पर गंभीर चिंता जताते हुए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बताया है कि राज्य की कुल राजस्व आय का 23 प्रतिशत से अधिक हिस्सा सिर्फ कर्ज चुकाने में ही खर्च हो रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, तिवारी ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए राज्य के आर्थिक मॉडल की स्थिरता पर सवाल उठाए।

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तीन बार के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब की ऋण चुकाने की कुल लागत, जिसमें ब्याज और मूलधन दोनों शामिल हैं, लगभग 42,481 करोड़ रुपए है। उन्होंने समझाया, "इसका मतलब है कि पंजाब द्वारा अर्जित प्रत्येक एक रुपए राजस्व में से 23 पैसे केवल ऋण चुकाने में खर्च हो जाते हैं।"

विकास कार्यों पर असर

तिवारी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि जब राजस्व का इतना बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में चला जाता है, तो विकास कार्यों के लिए बहुत कम राशि बचती है। उन्होंने बताया कि राजस्व व्यय से ऋण चुकाने की लागत घटाने के बाद 71.4 प्रतिशत बचता है, जबकि पूंजीगत संपत्ति बनाने वाले विकास कार्यों पर खर्च केवल 5.6 प्रतिशत है। उन्होंने सवाल किया, "क्या यह एक टिकाऊ मॉडल है? पंजाब के राजनेताओं को वास्तव में गंभीरता से विचार करना चाहिए?"

कोरोना का वित्तीय प्रभाव

तिवारी ने कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों के वित्तीय घाटे पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2019-2020 और 2022-23 के बीच केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.6 प्रतिशत से बढ़कर 9.2 प्रतिशत हो गया था। इसी अवधि में, पंजाब का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मुकाबले ऋण 36.2 प्रतिशत से बढ़कर 41.3 प्रतिशत पर पहुंच गया था। हालांकि इसमें बाद में मामूली सुधार हुआ, लेकिन 2024-25 में इसके बढ़कर 39.9 प्रतिशत होने का अनुमान है।

भाजपा ने 'आप' सरकार को घेरा

इसी बीच, राज्य की भाजपा इकाई ने भी आम आदमी पार्टी सरकार की आलोचना की है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने सरकार पर कर्मचारियों से किए गए वित्तीय वादे पूरे न कर पाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में 'प्रशासनिक आपातकाल' जैसी स्थिति है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली जैसी आवश्यक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पंगु हो गई है।

इनपुट: IANS

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