परंदूर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट रद्द: स्टालिन ने कहा- तमिलनाडु के विकास को बड़ा झटका, निवेशकों का भरोसा होगा कम
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके नेता एम.के. स्टालिन ने राज्य की टीवीके सरकार के परंदूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना को रद्द करने के फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस कदम को राज्य…
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके नेता एम.के. स्टालिन ने राज्य की टीवीके सरकार के परंदूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना को रद्द करने के फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस कदम को राज्य के विकास के लिए एक बड़ा झटका बताते हुए चेतावनी दी कि इससे निवेशकों की पसंदीदा जगह के रूप में तमिलनाडु की छवि कमजोर पड़ सकती है।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा विधानसभा में इस परियोजना को छोड़ने की घोषणा पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला "छोटी राजनीतिक सोच" से प्रेरित है, जिसमें तमिलनाडु के दीर्घकालिक हितों की अनदेखी की गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह सिर्फ एक नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि राज्य के लिए "एक बड़ी निराशा" है।
विकास और निवेश पर असर
एम.के. स्टालिन ने इस बात पर जोर दिया कि इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात और ऑटोमोबाइल निर्माण जैसे क्षेत्रों में अग्रणी होने के कारण तमिलनाडु को एक विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सख्त जरूरत है। उनके अनुसार, चेन्नई में आधुनिक और विस्तारित विमानन बुनियादी ढांचा उद्योग, निवेश, निर्यात और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि उनके 'द्रविड़ मॉडल' शासन के दौरान तमिलनाडु निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरा था। स्टालिन ने आरोप लगाया कि परंदूर परियोजना को रद्द करने का फैसला उन राज्यों के लिए "जैकपॉट" साबित हो सकता है जो निवेश और उद्योगों को अपनी ओर खींचना चाहते हैं।
प्रक्रिया और देरी पर चिंता
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि परंदूर स्थल का चयन सभी संभावित विकल्पों की विस्तृत जांच के बाद ही किया गया था। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए कई नियामक मंजूरियां मिल चुकी थीं और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी काफी आगे बढ़ चुकी थी।
स्टालिन ने चेतावनी दी कि अब अगर किसी नई जगह की तलाश की जाती है तो सारी प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी होगी, जिससे परियोजना में वर्षों की देरी होगी। उन्होंने विधानसभा में नियम 110 के तहत इस घोषणा पर भी आपत्ति जताई, क्योंकि इस नियम के तहत इतने महत्वपूर्ण विषय पर विधायकों को तत्काल चर्चा का अवसर नहीं मिलता है। स्टालिन ने कहा कि राज्य के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को निरंतर औद्योगिक विकास के बिना हासिल नहीं किया जा सकता।
इनपुट: IANS



