महादेव बेटिंग ऐप: मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर 8 दिन की CBI हिरासत में, पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाएगी टीम
ऑनलाइन सट्टेबाजी के चर्चित महादेव ऐप घोटाले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को रायपुर की एक विशेष सीबीआई अदालत ने आठ दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। बुधवार को हुई पेशी के दौरान अदालत ने जांच…
ऑनलाइन सट्टेबाजी के चर्चित महादेव ऐप घोटाले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को रायपुर की एक विशेष सीबीआई अदालत ने आठ दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। बुधवार को हुई पेशी के दौरान अदालत ने जांच एजेंसी की रिमांड याचिका स्वीकार कर ली, जिसके बाद अब चंद्राकर को पूछताछ के लिए दिल्ली मुख्यालय ले जाया जाएगा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, उसे 12 नवंबर को फिर से अदालत में पेश किया जाना है।
चंद्राकर को सीबीआई मंगलवार को दिल्ली से रायपुर लेकर आई थी। उसे करीब 6,000 करोड़ रुपए के इस कथित घोटाले के सिलसिले में ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाया गया है। इससे पहले, दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने उसे दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर सीबीआई को सौंपा था। बुधवार को रायपुर में हुई सुनवाई के दौरान अदालत परिसर के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और भारी पुलिस बल तैनात रहा।
जांच, आरोप और राजनीतिक बयानबाजी
सुनवाई के वक्त प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी और वकील भी अदालत में मौजूद थे। ईडी ने भी सौरभ चंद्राकर की रिमांड की मांग की है। आपको बता दें कि इस मामले की जांच दो केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं। सीबीआई ऐप से जुड़े मुख्य मामलों को देख रही है, जबकि ईडी धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के एंगल से जांच कर रही है।
इस बीच, मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मुख्य आरोपी की वापसी के बाद सीबीआई पूछताछ में कई और नाम सामने आ सकते हैं। वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चंद्राकर तो भारत आ गया, लेकिन सह-आरोपी रवि उप्पल और शुभम सोनी अभी भी फरार हैं। उन्होंने 2023 चुनावों के दौरान ऐप से जुड़ा वीडियो जारी करने वाले शुभम सोनी के ठिकाने पर सवाल उठाया। बैज ने यह भी दावा किया कि पिछली कांग्रेस सरकार ने इस मामले में 72 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की थीं।
प्रत्यर्पण पर उठे सवाल
चंद्राकर के वकील तुषार गिरी ने सीबीआई की रिमांड याचिका का विरोध करते हुए इसे अनुचित बताया। इससे पहले, वकील ने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने ओमान की एक अदालत के आदेश का हवाला देते हुए दलील दी थी कि भारत के अनुरोध को केवल ईडी के मामले में मंजूरी मिली थी, सीबीआई के मामले में नहीं। इसलिए उनके मुवक्किल पर केवल उन्हीं मामलों में कार्रवाई हो सकती है जिनके आधार पर प्रत्यर्पण हुआ है।
सीबीआई के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके साथियों ने महादेव ऐप के जरिए सट्टेबाजी के कई प्लेटफॉर्म बनाए और इससे कमाए गए पैसे को अलग-अलग बैंक खातों के जरिए यूएई भेजा। चंद्राकर 2023 से दुबई में फरार था और उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी था, जिसके बाद उसे 8 जुलाई को ओमान में गिरफ्तार किया गया था।
इनपुट: IANS



