कर्नाटक: चलावाडी नारायणस्वामी के बयान पर कांग्रेस का पलटवार, गिरफ्तारी की मांग
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक वरिष्ठ नेता की टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावाडी नारायणस्वामी के एक कथित भड़काऊ बयान के जवाब में…
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक वरिष्ठ नेता की टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावाडी नारायणस्वामी के एक कथित भड़काऊ बयान के जवाब में कांग्रेस ने उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, कांग्रेस का आरोप है कि नारायणस्वामी ने हिंसा को उकसाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया है।
यह पूरा विवाद चलावाडी नारायणस्वामी के उस बयान से शुरू हुआ, जो उन्होंने कोलार में भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ' पदयात्रा के दौरान दिया था। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि यदि कांग्रेस देश में अराजकता फैलाती रही तो भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यकर्ताओं के "टुकड़े-टुकड़े कर उन्हें अरब सागर में फेंक देंगे।" भाजपा ने यह पदयात्रा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के जवाब में आयोजित की थी।
कांग्रेस ने की कड़ी निंदा
बुधवार को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के उपाध्यक्ष एच. अंजनेय ने नारायणस्वामी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया, "क्या किसी राजनेता को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए या यह भाषा आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल की जाती है?" अंजनेय ने आरोप लगाया कि नारायणस्वामी का बयान महात्मा गांधी के सिद्धांतों में विश्वास रखने वाले शांतिप्रिय कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भड़काने का एक प्रयास है।
अंजनेय ने स्पष्ट किया, "हम हिंसा में विश्वास नहीं करते और न ही असंवैधानिक या असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करना चाहते हैं।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम का जिक्र करते हुए कहा, "हम वे लोग हैं जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों की गोलियां झेली थीं।"
कानूनी कार्रवाई और पद से हटाने की मांग
कांग्रेस ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। एच. अंजनेय ने मांग की कि पुलिस को स्वतः संज्ञान लेकर नारायणस्वामी के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहिए और उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि पार्टी कोलार में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराएगी और कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर अन्य जगहों पर भी मामले दर्ज करने पर विचार कर रही है।
इसके अलावा, कांग्रेस ने भाजपा से भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए नारायणस्वामी को विधान परिषद में विपक्ष के नेता पद से हटाने की मांग की है। अंजनेय ने यह भी दावा किया कि नारायणस्वामी पहले कांग्रेस से जुड़े थे और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर काम भी कर चुके हैं।
भाजपा के आरोपों का जवाब
भाजपा के इस आरोप पर कि कांग्रेस देश में अराजकता फैला रही है, अंजनेय ने कहा कि कांग्रेस ने न तो ट्रेनों में बम रखे हैं और न ही किसी हिंसक गतिविधि में शामिल रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा के लिए संवैधानिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। अंजनेय ने केंद्र सरकार पर राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया।
इनपुट: IANS



