मणिपुर: सुरक्षाबलों की दोहरी कार्रवाई, प्रतिबंधित संगठनों के 6 उग्रवादी और 4 ड्रग तस्कर गिरफ्तार
मणिपुर में पिछले 24 घंटों के दौरान सुरक्षाबलों ने अलग-अलग अभियानों में बड़ी सफलता हासिल की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन कार्रवाइयों में दो प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े छह सदस्यों और चार
मणिपुर में पिछले 24 घंटों के दौरान सुरक्षाबलों ने अलग-अलग अभियानों में बड़ी सफलता हासिल की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन कार्रवाइयों में दो प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े छह सदस्यों और चार नशीले पदार्थों के तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, भारत-म्यांमार सीमा के पास एक जिले से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुए हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि गिरफ्तार किए गए छह उग्रवादी प्रतिबंधित कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) और यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) से संबंधित हैं। इन सभी को इंफाल पूर्वी जिले के अलग-अलग इलाकों से पकड़ा गया। अधिकारियों के मुताबिक, ये उग्रवादी कथित तौर पर ठेकेदारों, सरकारी कर्मचारियों, व्यापारियों और आम नागरिकों से जबरन वसूली की गतिविधियों में शामिल थे।
नशीले पदार्थ और हथियार जब्त
एक अन्य अभियान में, सुरक्षाबलों ने इंफाल पूर्वी जिले से ही चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 239 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। वहीं, कांगपोकपी जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान हथियारों का एक बड़ा जखीरा मिला। बरामद हथियारों में एक 5.56 मिमी इंसास राइफल, एक मैगजीन और 24 स्थानीय रूप से निर्मित सिंगल बैरल ब्रीच लोडिंग (एलबीबीएल) बंदूकें शामिल हैं। इसके साथ ही भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद किया गया।
राज्य भर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
पूरे मणिपुर में केंद्रीय और राज्य के सुरक्षाकर्मी उग्रवादी समूहों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। आतंकवादी गतिविधियों को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीमावर्ती, मिश्रित आबादी वाले और अन्य संवेदनशील इलाकों में नियमित तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए घाटी और पहाड़ी जिलों में 114 नाके और चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं। इन उपायों का मकसद असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगाना और अवैध हथियारों, विस्फोटकों व अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं के परिवहन को रोकना है।
इसके अतिरिक्त, राज्य के प्रमुख आपूर्ति मार्ग, इम्फाल-जिरिबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-37) पर आवश्यक वस्तुओं से लदे ट्रकों सहित अन्य वाहनों को सुरक्षा प्रदान की जा रही है, ताकि आवाजाही सुरक्षित और निर्बाध बनी रहे।
इनपुट: IANS



