मंगलवार, 18 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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तेलंगाना: सरकारी अस्पतालों में अतिरिक्त समय देने वाले सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

तेलंगाना के सरकारी अस्पतालों में अतिरिक्त समय काम करने के इच्छुक सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ए. रेवं…

तेलंगाना: सरकारी अस्पतालों में अतिरिक्त समय देने वाले सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
(फोटो: IANS)

तेलंगाना के सरकारी अस्पतालों में अतिरिक्त समय काम करने के इच्छुक सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने यह घोषणा की ताकि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को कॉर्पोरेट अस्पतालों के स्तर तक लाया जा सके। उन्होंने यह बात सनथ नगर में तेलंगाना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (TIMS) के उद्घाटन समारोह के दौरान कही।

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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अतिरिक्त समय सेवा देने के इच्छुक डॉक्टरों के लिए प्रोत्साहन राशि का प्रावधान करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नए TIMS अस्पतालों का संचालन कॉर्पोरेट अस्पतालों के बराबर होना चाहिए और इसके लिए सभी जरूरी उपाय किए जाएं।

स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार: 10,000 बेड का लक्ष्य

इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि उस्मानिया अस्पताल की नई इमारत, एलबी नगर स्थित TIMS, और अलवाल एवं वारंगल में बन रहे सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों का निर्माण 9 दिसंबर, 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने पर राज्य में कुल 10,000 अस्पताल बेड उपलब्ध हो जाएंगे।

इसके अलावा, हर अस्पताल के लिए एक समर्पित निदेशक की नियुक्ति की जाएगी, जो संचालन की निगरानी करेगा। साथ ही, मरीजों के परिचारकों के लिए सुविधाएं सुनिश्चित करने हेतु धन भी स्वीकृत किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकारी खर्च

मुख्यमंत्री ने बताया कि निजी अस्पतालों में इलाज के बढ़ते खर्च को देखते हुए सरकार ने गरीबों को कॉर्पोरेट स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए TIMS की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पदभार संभालने के बाद आरोग्यश्री योजना पर 2,700 करोड़ रुपए और मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) के तहत 2,526 करोड़ रुपए जारी किए हैं, जिससे गरीबों के स्वास्थ्य पर कुल 5,226 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। पिछले दो वर्षों में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पर कुल 21,800 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।

पिछली सरकार पर आरोप

रेवंत रेड्डी ने पिछली BRS सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि जर्जर हालत के बावजूद उस्मानिया अस्पताल की नई इमारत का निर्माण नहीं कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि KCR सरकार ने TIMS अस्पताल और वारंगल अस्पताल की सिर्फ आधारशिला रखी, लेकिन परियोजनाओं को बीच में ही अधूरा छोड़ दिया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी 'जनता की सरकार' ने इन अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए कदम उठाए हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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