ऑनलाइन धोखाधड़ी पर सिंगापुर का बड़ा कदम: सोशल मीडिया और मैसेजिंग के लिए कड़े नियम लागू
सिंगापुर ने ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों से अपने नागरिकों को बचाने के लिए बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के लिए नए और संशोधित नियम लागू किए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन नियमों का…
सिंगापुर ने ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों से अपने नागरिकों को बचाने के लिए बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के लिए नए और संशोधित नियम लागू किए हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन नियमों का दायरा मैसेजिंग ऐप्स, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स वेबसाइट्स तक फैला है, जिनका लक्ष्य उपयोगकर्ता की सुरक्षा को और मजबूत करना है।
सिंगापुर पुलिस बल (एसपीएफ) ने सोमवार को इन नए दिशा-निर्देशों को जारी किया। ये नियम 2024 में लागू किए गए पिछले उपायों को और सख्ती देते हैं, जिनकी बदौलत 2024 से 2025 के बीच घोटाले के मामलों में लगभग 37 प्रतिशत की कमी देखी गई थी। नए नियमों का पालन करने के लिए प्लेटफॉर्म्स को 31 जनवरी, 2027 तक का समय दिया गया है।
नए नियमों में क्या है खास?
मैसेजिंग ऐप्स के लिए: अब किसी भी उपयोगकर्ता को अज्ञात संपर्क द्वारा ग्रुप में जोड़ने से पहले उसकी सहमति लेना अनिवार्य होगा। प्लेटफॉर्म्स को संदिग्ध खातों के लिए चेतावनी जारी करनी होगी और यूज़र्स को अनजान नंबरों से आने वाले मैसेज और कॉल को ब्लॉक या फिल्टर करने का विकल्प भी देना होगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए: इन प्लेटफॉर्म्स को अब संदिग्ध घोटालों वाले विज्ञापनों की पहचान कर उन्हें हटाना होगा। विज्ञापनदाताओं की पहचान का सत्यापन करना भी जरूरी होगा। इसके अलावा, सिंगापुर के उपयोगकर्ताओं को लक्षित करने वाले वित्तीय विज्ञापन केवल लाइसेंस प्राप्त सेवा प्रदाताओं द्वारा ही दिए जा सकेंगे।
ई-कॉमर्स साइट्स के लिए: संशोधित संहिता में लॉगिन और विज्ञापन से जुड़े सुरक्षा उपायों को और भी सख्त किया गया है। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले प्लेटफॉर्म्स पर प्रस्तावित कानून के तहत 1 करोड़ सिंगापुर डॉलर (लगभग 78.3 लाख अमेरिकी डॉलर) तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
क्वांटम-सेफ साइबर सुरक्षा की तैयारी
इसी बीच, भविष्य के साइबर खतरों से निपटने के लिए सिंगापुर एक और बड़ी पहल कर रहा है। सिंगापुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एसआईटी) और प्रौद्योगिकी कंपनी आईबीएम ने 2026 के अंत तक एक क्वांटम-सेफ सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है। यह केंद्र देश को क्वांटम-सेफ साइबर सुरक्षा की ओर ले जाने में मदद करेगा।
एसआईटी और आईबीएम द्वारा मंगलवार को जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि जैसे-जैसे क्वांटम कंप्यूटिंग विकसित हो रही है, मौजूदा एन्क्रिप्शन तकनीकें भविष्य के खतरों के सामने कमजोर पड़ सकती हैं। एसआईटी के पुंगगोल परिसर में स्थापित होने वाला यह केंद्र संगठनों को उनकी साइबर सुरक्षा कमजोरियों का आकलन करने, क्वांटम-सेफ क्रिप्टोग्राफी अपनाने और भविष्य के लिए विशेषज्ञ तैयार करने में सहायता करेगा।
इनपुट: IANS



