भावनगर में ज़हरीली शराब का क़हर: दो की मौत, 17 अस्पताल में भर्ती, चार तस्कर गिरफ़्तार
गुजरात के भावनगर में ज़हरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि 17 अन्य लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में नकली…
गुजरात के भावनगर में ज़हरीली शराब पीने से दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि 17 अन्य लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में नकली शराब की आपूर्ति करने वाले चार लोगों को हिरासत में ले लिया है और मामले की गहराई से जांच कर रही है।
यह घटना तब सामने आई जब कई लोगों ने शराब पीने के बाद तबीयत बिगड़ने की शिकायत की और उनमें से कुछ घंटों तक बेहोश रहे। मृतकों की पहचान वतेज थाना क्षेत्र के खड़खड़ी गांव निवासी उपेंद्र सिंह गोहिल और इंदौर के रहने वाले नरेंद्र सिंह यादव के रूप में हुई है। उपेंद्र गोहिल को इलाज के लिए भावनगर के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जांच के लिए विशेष टीम का गठन
भावनगर के पुलिस अधीक्षक (SP) नीतेश कुमार पांडे ने बताया कि 17 उपचाराधीन मरीजों में से 8 का इलाज सिविल अस्पताल में और 9 का पांच अलग-अलग निजी अस्पतालों में चल रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सभी भर्ती मरीजों की हालत स्थिर है। पूछताछ में मरीजों ने बताया कि उन्होंने नकली ब्रांड की शराब का सेवन किया था।
पुलिस ने ज़हरीली शराब के सैंपल जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेज दिए हैं। एसपी के मुताबिक, FSL रिपोर्ट से ही यह साफ़ हो पाएगा कि शराब में कौन-सा ज़हरीला पदार्थ मिलाया गया था। इस पूरे मामले की जांच के लिए भावनगर क्राइम ब्रांच, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और स्थानीय पुलिस को मिलाकर एक विशेष टीम बनाई गई है।
मध्य प्रदेश से जुड़ा तस्करी का तार
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ज़हरीली शराब की यह खेप मध्य प्रदेश से भावनगर लाई गई थी। पुलिस अब इस पूरे सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह खेप शहर तक कैसे पहुंची और लोगों में कैसे बांटी गई। पुलिस ने गौतम सोलंकी सहित चार आपूर्तिकर्ताओं को हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जो भी इस अवैध कारोबार में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, भावनगर के जिलाधिकारी ने स्थानीय अस्पताल का दौरा कर दवाओं की उपलब्धता और इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस ने जिले के अन्य हिस्सों में भी छापेमारी कर नकली शराब बेचने वालों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। साथ ही, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी ने पिछले कुछ दिनों में शराब पी हो तो वे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और तस्करों के बारे में कोई भी जानकारी होने पर पुलिस को सूचित करें।
इनपुट: IANS



