TMC नेता देबराज चक्रवर्ती की संपत्ति जांच में शेल कंपनी का खुलासा, SIT को करोड़ों के संदिग्ध लेनदेन का शक
तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद देबराज चक्रवर्ती और उनकी विधायक पत्नी अदिति मुंशी से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच में एक नया मोड़ आ गया है। मामले की पड़ताल कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (S
तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद देबराज चक्रवर्ती और उनकी विधायक पत्नी अदिति मुंशी से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच में एक नया मोड़ आ गया है। मामले की पड़ताल कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अब एक कथित शेल कंपनी के जरिए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जांच कर रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ताओं को शक है कि इस कंपनी का इस्तेमाल अपराध से कमाए गए पैसे को ठिकाने लगाने के लिए किया गया।
SIT के हाथ 'डीसी ग्लोबल' नामक एक कंपनी के बारे में जानकारी लगी है, जिसके तार सीधे देबराज चक्रवर्ती से जुड़ रहे हैं। जांच में सामने आया है कि इस कंपनी के माध्यम से करोड़ों की रकम पूर्व पार्षद, उनकी पत्नी, कुछ रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर की गई थी।
पिता के नाम पर कंपनी, संचालन करते थे देबराज
एक दिलचस्प तथ्य यह है कि सरकारी रिकॉर्ड में इस कंपनी के मालिक देबराज के पिता तरुण कुमार चक्रवर्ती हैं। हालांकि, राज्य पुलिस के एक अधिकारी ने IANS को बताया कि पिता का नाम केवल दिखावे के लिए इस्तेमाल किया गया था, जबकि कंपनी का असल नियंत्रण और रोजमर्रा का कामकाज खुद देबराज अपने सहयोगियों के जरिए संभालते थे।
अब SIT जांचकर्ता डीसी ग्लोबल के बैंक खातों से हुए सभी लेन-देन की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि कई ट्रांजैक्शन बेहद संदिग्ध हैं, जहां खाते में एक निश्चित समय पर पैसा जमा हुआ और महज एक घंटे के भीतर ही उसे निकाल भी लिया गया। जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह पैसा कहां से आया और कहां भेजा गया।
ED की भी समानांतर जांच जारी
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT अपनी जांच के निष्कर्ष प्रवर्तन निदेशालय (ED) के साथ भी साझा कर रही है। ED ने हाल ही में इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर अपनी समानांतर जांच शुरू की है। इसके अलावा, राज्य पुलिस के सूत्रों के अनुसार, लगभग 30 अन्य लोग भी SIT के रडार पर हैं। इन लोगों पर देबराज चक्रवर्ती के लिए 'फ्रंटलाइन ऑपरेटर' के तौर पर काम करने और वसूली की रकम इकट्ठा करने का आरोप है। इनमें से चार लोगों से पूछताछ हो चुकी है और बाकी से भी जल्द ही पूछताछ की जाएगी।
इनपुट: IANS



