भारतीय स्टार्टअप्स को नई उड़ान: 7 कंपनियों को मिलेगी ₹30-30 लाख की फंडिंग और एक्सपर्ट मेंटरशिप
भारत के 7 उभरते स्टार्टअप्स को अपने कारोबार को गति देने के लिए 30-30 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। यह फंडिंग उन्हें उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा समर्थित एक विशेष कार्
भारत के 7 उभरते स्टार्टअप्स को अपने कारोबार को गति देने के लिए 30-30 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। यह फंडिंग उन्हें उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा समर्थित एक विशेष कार्यक्रम के तहत मिली है, जिसमें पैसे के साथ-साथ विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी शामिल है। इसका मुख्य उद्देश्य इन नई कंपनियों को तेजी से बढ़ने और भविष्य में निवेश हासिल करने के लिए बेहतर ढंग से तैयार करना है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह पहल 'फिक्की-मर्सिडीज-बेंज भारत इनोवेशन एंड बिजनेस आइडियाज चैलेंज' का हिस्सा है। इस राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज में देशभर के स्टार्टअप्स ने आवेदन किया था, जिनमें से गहन मूल्यांकन के बाद इन सात को चुना गया। इस कार्यक्रम के जरिए मैन्युफैक्चरिंग, सस्टेनेबिलिटी, शिक्षा, डीकार्बोनाइजेशन, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स को मदद दी जा रही है।
क्या है मेंटरशिप का पूरा प्लान?
चयनित स्टार्टअप्स को फंडिंग के बाद एक संरचित मेंटरशिप प्रोग्राम का हिस्सा बनाया जाएगा। इसमें उन्हें कई अहम व्यावसायिक पहलुओं पर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिलेगा, जैसे:
- नियामकीय और कानूनी प्रक्रियाएं
- टैक्सेशन और फंड का सही इस्तेमाल
- निवेश जुटाने की रणनीति और कंपनी का मूल्यांकन
- डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा और बौद्धिक संपदा (IP) का संरक्षण
इसके अतिरिक्त, इन स्टार्टअप्स के लिए विशेष 'डेमो डे' आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में वे उद्योग के बड़े नेताओं, निवेशकों और मेंटर्स के सामने अपने इनोवेशन और बिजनेस मॉडल पेश कर सकेंगे, जिससे उन्हें नई साझेदारियों और निवेश के अवसर तलाशने में मदद मिलेगी।
क्यों अहम है यह पहल?
एक वर्चुअल संवाद में डीपीआईआईटी के अतिरिक्त सचिव अतीश कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कंपनियां तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने फिक्की और मर्सिडीज-बेंज इंडिया को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
श्री सिंह ने कहा, "समय पर मिलने वाला मार्गदर्शन और सहयोग नवाचार करने वाले युवाओं को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करने में मदद करता है।" उनके मुताबिक, इस तरह के साझेदारी वाले प्रयास भारत को नवाचार-आधारित विकास की दिशा में आगे बढ़ाने और एक वैश्विक इनोवेशन लीडर बनाने के लिए बेहद आवश्यक हैं।
इनपुट: IANS



