ओडिशा: CMO से गायब जांच रिपोर्ट मामला — एक और सेवानिवृत्त IAS अधिकारी को पुलिस का नोटिस
ओडिशा के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से दो अहम जांच रिपोर्टें गायब होने के मामले में पुलिस की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी वीके पांडियन को…
ओडिशा के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से दो अहम जांच रिपोर्टें गायब होने के मामले में पुलिस की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी वीके पांडियन को नोटिस जारी करने के ठीक एक दिन बाद, कमिश्नरेट पुलिस ने गुरुवार को एक और सेवानिवृत्त IAS अधिकारी उपेंद्र नाथ बेहेरा को समन भेजा है।
यह कार्रवाई पिछली बीजू जनता दल (BJD) सरकार के कार्यकाल के दौरान CMO से कथित तौर पर गायब हुई फाइलों के संबंध में की जा रही है। भुवनेश्वर के कैपिटल पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले (संख्या 460/26) में उपेंद्र नाथ बेहेरा को 26 जुलाई को सुबह 11 बजे जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है। यह मामला राज्य के गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की शिकायत पर दर्ज किया गया था।
कौन सी रिपोर्टें हुईं गायब?
इस पूरे मामले के केंद्र में दो महत्वपूर्ण जांच रिपोर्टें हैं। पहली रिपोर्ट जस्टिस ए.एस. नायडू आयोग की है, जिसमें 2008 में कंधमाल जिले के जलेसपेटा आश्रम में स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और चार अन्य लोगों की हत्या की जांच की गई थी। दूसरी रिपोर्ट भुवनेश्वर के IMS और SUM अस्पताल में 2016 में हुई आग की घटना पर राजस्व मंडलीय आयुक्त की जांच से संबंधित है।
जांच में कई पूर्व अधिकारी शामिल
पुलिस का मानना है कि बेहेरा मामले से जुड़ी परिस्थितियों और तथ्यों से परिचित हो सकते हैं। उन्हें जांच में सहयोग करने और अपने पास मौजूद किसी भी संबंधित दस्तावेज़, रिकॉर्ड या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को साथ लाने के लिए कहा गया है।
इस मामले में नोटिस पाने वाले बेहेरा अकेले पूर्व अधिकारी नहीं हैं। एक अन्य सेवानिवृत्त IAS अधिकारी राजेश वर्मा को भी नया नोटिस जारी कर 30 जुलाई तक पेश होने को कहा गया है, क्योंकि वह 22 जुलाई की पिछली तारीख पर उपस्थित नहीं हुए थे। इससे पहले, ओडिशा के पूर्व आईटी सचिव मनोज कुमार मिश्रा से भी 18 जुलाई को पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया जा चुका है।
इनपुट: IANS



