पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी का पुलिस को जवाब: न तो फरार हूं, न कानून से बच रहा हूं
तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक कुमार ने चेन्नई के ट्रिप्लिकेन पुलिस स्टेशन को पत्र लिखकर साफ किया है कि वे न तो फरार हैं और न ही कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश कर रहे ह
तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक कुमार ने चेन्नई के ट्रिप्लिकेन पुलिस स्टेशन को पत्र लिखकर साफ किया है कि वे न तो फरार हैं और न ही कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश कर रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला पिछली DMK सरकार को कथित तौर पर अस्थिर करने की साजिश की जांच से जुड़ा है। दोनों भाइयों ने पुलिस से यह भी सवाल किया है कि उन्हें पूछताछ के लिए किस कानूनी आधार पर बुलाया गया है।
यह घटनाक्रम तब हुआ जब मद्रास हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बावजूद दोनों भाई जांच में सहयोग के लिए पुलिस के सामने पेश नहीं हुए। अदालत ने जमानत की शर्त के तौर पर उन्हें थाने में उपस्थित होने का निर्देश दिया था।
पूछताछ से पहले कानूनी सुरक्षा की मांग
अपने पत्र में, सेंथिल बालाजी और अशोक कुमार ने जांच में सहयोग करने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में उनकी उपस्थिति का इस्तेमाल किसी अन्य केस में उन्हें गिरफ्तार करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि पूछताछ के दौरान जरूरत पड़ने पर उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
बालाजी ने अपने पत्र में कहा कि वह एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और कई व्यावसायिक संस्थानों का संचालन भी करते हैं, इसलिए यह कहना गलत है कि वह कानूनी कार्रवाई से बच रहे हैं। उन्होंने कानून के अनुसार जांच में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है।
कानूनी प्रक्रिया पर उठाए सवाल
दोनों भाइयों ने इस बात पर जोर दिया है कि प्राथमिकी (FIR) में उनके नाम आरोपी के रूप में दर्ज नहीं हैं। उनका तर्क है कि सिर्फ इसी आधार पर उन्हें पूछताछ के लिए पेश होने को बाध्य नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर एजेंसी उनसे पूछताछ करना चाहती है तो उसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(3) के तहत पहले एक विधिवत नोटिस जारी करना चाहिए। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वे पत्र की सामग्री की जांच कर रहे हैं और आगे की कार्रवाई के लिए कानूनी सलाह ले सकते हैं।
इनपुट: IANS



