अभिषेक बनर्जी के हेल्थ कैंप पर फिर FIR, अब बिष्णुपुर थाने में धोखाधड़ी और कई धाराओं में मामला दर्ज
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की 'सेवाश्रय' स्वास्थ्य शिविर पहल को लेकर मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में उनके खिलाफ अब दूसरी प्राथ
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की 'सेवाश्रय' स्वास्थ्य शिविर पहल को लेकर मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में उनके खिलाफ अब दूसरी प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। इस बार यह कार्रवाई बिष्णुपुर पुलिस स्टेशन में स्थानीय भाजपा नेता अभिजीत दास (बॉबी) की शिकायत पर हुई है, जिसमें बनर्जी समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।
यह FIR शनिवार रात को दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार, 'सेवाश्रय' और 'सेवाश्रय 2' स्वास्थ्य शिविरों के खिलाफ कुल 16 शिकायतें मिली हैं, जिनके आधार पर यह कदम उठाया गया है। अभिषेक बनर्जी का नाम आरोपियों की सूची में सबसे ऊपर है। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट, 2019 समेत कई केंद्रीय और राज्य कानूनों के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
कौन-कौन हैं आरोपी?
इस मामले में बनर्जी के अलावा उनके फरार कार्यकारी सहायक सुमित रॉय और फाल्टा से तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान का भी नाम है। FIR में पूर्व तृणमूल विधायक दिलीप मंडल, अयन घोष दस्तीदार, शमीम अहमद, गौतम अधिकारी, महबूबुर गायेन, नबकुमार बेटल और बबन गाजी समेत कई अन्य लोगों और संगठनों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने कुछ अज्ञात आयोजकों, डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और सरकारी कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया है।
क्या हैं मुख्य आरोप?
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ये स्वास्थ्य शिविर बिना किसी अनिवार्य मंजूरी के आयोजित किए गए और इनमें नियमों का घोर उल्लंघन हुआ। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के इस्तेमाल के लिए भी कोई अनुमति नहीं ली गई, जिससे आम लोगों की जान को जोखिम में डाला गया। उन पर धोखाधड़ी, जालसाजी और अवैध रूप से चिकित्सा केंद्र चलाने जैसे गंभीर आरोप हैं। पुलिस के मुताबिक, चार्जशीट में बनर्जी को इन शिविरों का मुख्य आयोजक बताया गया है और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि अभिषेक बनर्जी ने अपने डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में लोगों को मुफ्त इलाज मुहैया कराने के लिए 'सेवाश्रय' पहल शुरू की थी, जिसे बाद में राज्य के अन्य हिस्सों में भी आयोजित किया गया। इस मामले में पहली FIR 2 जुलाई को डायमंड हार्बर पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी। वहीं, आरोपियों में से जहांगीर खान और दिलीप मंडल को अन्य मामलों में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस इन शिविरों के लिए धन के स्रोत की भी जांच कर रही है।
इनपुट: IANS



