शनिवार, 25 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

बलूचिस्तान में महिलाओं और बच्चों के लापता होने पर चिंता, संगठनों ने उठाए मानवाधिकार हनन के गंभीर सवाल

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों, के कथित तौर पर जबरन लापता किए जाने की घटनाओं ने एक गंभीर मानवाधिकार संकट का रूप ले लिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के…

बलूचिस्तान में महिलाओं और बच्चों के लापता होने पर चिंता, संगठनों ने उठाए मानवाधिकार हनन के गंभीर सवाल
(फोटो: IANS)

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों, के कथित तौर पर जबरन लापता किए जाने की घटनाओं ने एक गंभीर मानवाधिकार संकट का रूप ले लिया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय बलूच संगठनों ने इन मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे दमनकारी नीति बताया है, जिससे कई परिवार तबाह हो रहे हैं।

विज्ञापन

यह मुद्दा हाल ही में 21 जुलाई को हुई एक घटना के बाद फिर से गरमा गया है। बलूच महिला फोरम (BWF) ने आरोप लगाया है कि बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले के किल्ली कोंगरह इलाके में सुरक्षा बलों ने एक घर पर छापा मारा और एक ही परिवार के छह सदस्यों को अपने साथ ले गए।

एक ही परिवार के छह सदस्य लापता

संगठन के अनुसार, कथित रूप से लापता हुए लोगों में 33 वर्षीय बीबी राफिया, उनके तीन छोटे बच्चे (जिनकी उम्र 3 महीने, 4 साल और 6 साल है), उनके 40 वर्षीय भाई मुहम्मद आरिफ और 18 वर्षीय भतीजी बीबी निदा शामिल हैं। BWF का कहना है कि यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि प्रांत में लंबे समय से चल रही जबरन गुमशुदगियों की श्रृंखला की एक और कड़ी है।

छात्रों ने भी उठाई आवाज

इस बीच, बलूच स्टूडेंट्स एक्शन कमेटी (BSAC) ने भी छात्र राजनीतिक कार्यकर्ता जीयंद बलूच और एक अन्य युवक आसिफ बलूच तथा उनके साथियों की कथित गुमशुदगी की निंदा की है। BSAC ने कहा कि ऐसी घटनाएं बलूच छात्रों के लिए बढ़ते खतरों को दर्शाती हैं और भय का माहौल पैदा कर रही हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

परिवारों पर पड़ रहा गहरा असर

बलूच महिला फोरम ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानून महिलाओं और बच्चों को विशेष सुरक्षा प्रदान करता है। संगठन ने कहा कि जब एक माँ लापता होती है, तो इसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है, खासकर छोटे बच्चों पर, जो गंभीर मानसिक, आर्थिक और सामाजिक संकट में पड़ जाते हैं। फोरम का आरोप है कि कई परिवार वर्षों से अपने प्रियजनों की वापसी का इंतजार कर रहे हैं और कुछ पीड़ितों की तो इसी इंतजार में मौत हो चुकी है। संगठन ने मानवाधिकार संस्थाओं से इन कथित अत्याचारों के खिलाफ हर मंच पर आवाज उठाने की अपील की है। हालांकि, इन आरोपों पर पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →