नेपाल में बाढ़ की तबाही के बाद भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, 31 दिसंबर तक देगा अतिरिक्त बिजली
नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ से पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे देश में बिजली का संकट गहरा गया है। इस मुश्किल समय में पड़ोसी देश की मदद करते हुए भारत ने 31 दिसंबर 2026 तक…
नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ से पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे देश में बिजली का संकट गहरा गया है। इस मुश्किल समय में पड़ोसी देश की मदद करते हुए भारत ने 31 दिसंबर 2026 तक नेपाल को अतिरिक्त बिजली आपूर्ति करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले से नेपाल को अपनी तत्काल ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलेगी।
भारत के बिजली मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि नेपाल विद्युत प्राधिकरण को रोजाना 18 घंटे बिजली निर्यात करने की अनुमति दी गई है। इस मंजूरी के तहत, मुजफ्फरपुर-ढलकेबर लाइन से अधिकतम 600 मेगावाट और टनकपुर-महेंद्रनगर लाइन के माध्यम से 54 मेगावाट तक बिजली भेजी जा सकेगी। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनवरी 2027 से दी जाने वाली बिजली की मात्रा की समीक्षा दिसंबर 2026 में की जाएगी।
मानवीय सहायता और बचाव कार्य
बिजली आपूर्ति के अलावा भारत ने नेपाल के लिए मानवीय सहायता भी तेज कर दी है। भारतीय वायुसेना के विमानों से राहत सामग्री काठमांडू पहुँचाई गई है। साथ ही, खोज, बचाव और फोरेंसिक अभियानों में मदद के लिए भारतीय टीमों को भी तैनात किया गया है। भारत ने बचाव कार्यों के लिए विशेष उपकरण भी भेजे हैं, जिनमें मड रेस्क्यू सूट, गैस डिटेक्टर, ब्रीदिंग उपकरण, पोर्टेबल जनरेटर और पानी निकालने वाले पंप शामिल हैं। पीड़ितों की पहचान के लिए डीएनए किट और संबंधित उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
बाढ़ से भारी तबाही
यह बाढ़ 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हुए हिमस्खलन के बाद आई थी, जिसने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई इलाकों में तबाही मचा दी। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,386 हो गई है। अब तक 104 शवों की पहचान कर उनके परिवारों को सौंपा जा चुका है। जानकारी के अनुसार, लगभग 5,130 लोग अब भी लापता हैं, जबकि 13,700 से अधिक लोगों को बचाया गया है और 339 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। सुरक्षा बलों का खोज और बचाव अभियान लगातार जारी है।
इनपुट: IANS



