सोमवार, 14 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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सऊदी अरब के एयरबेस पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला, दर्जनों मिसाइलों और ड्रोन से बनाया निशाना

यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के एक प्रमुख सैन्य अड्डे पर बड़े हमले का दावा किया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, विद्रोहियों ने सोमवार को…

सऊदी अरब के एयरबेस पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला, दर्जनों मिसाइलों और ड्रोन से बनाया निशाना
(फोटो: IANS)

यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के एक प्रमुख सैन्य अड्डे पर बड़े हमले का दावा किया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, विद्रोहियों ने सोमवार को कहा कि उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के किंग खालिद एयरबेस को दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया है।

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हूती समूह द्वारा संचालित अल-मसीरा टीवी पर एक बयान में, सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने इस हमले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यमन की सीमा के पास स्थित खमीस मुशैत शहर के इस एयरबेस पर लड़ाकू विमानों के हैंगर, रनवे, रडार सिस्टम और गोला-बारूद के भंडारों को निशाना बनाया गया। सरी ने दावा किया कि ये हमले “सटीक और सीधे” थे, जिनसे एयरबेस को भारी नुकसान पहुँचा। हालांकि, इस दावे पर सऊदी अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है और न ही किसी तरह के नुकसान की पुष्टि की गई है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और हूती की चेतावनी

इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा हुई है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “मैं सऊदी अरब के खिलाफ हूती हमले की निंदा करती हूं। हम लगातार हो रहे हमलों के बीच अपने खाड़ी साझेदारों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित नौवहन और मध्य पूर्व में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अपने सहयोगियों के साथ काम करता रहेगा।

वहीं, हूती प्रवक्ता ने इस हमले को यमन में सऊदी हवाई हमलों का जवाब बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में सऊदी F-15 और टाइफून लड़ाकू विमानों ने यमन के कई प्रांतों में 300 से अधिक हवाई हमले किए हैं। सरी ने चेतावनी दी कि जब तक यमन पर हवाई हमले जारी रहेंगे, हूती समूह सऊदी क्षेत्र के अंदर गहराई तक हमले करते रहेंगे।

लाल सागर क्षेत्र में बढ़ता तनाव

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हूती विद्रोही 3 सितंबर से लाल सागर तट पर एक व्यापक सैन्य अभियान चला रहे हैं। समूह ने हाल ही में होदेइदाह और ताइज़ प्रांतों में सरकारी नियंत्रण वाले कई इलाकों पर कब्जा करने का दावा किया है। इसके अलावा, विद्रोहियों ने रणनीतिक बंदरगाह मोचा और बाब अल-मंदब स्ट्रेट में स्थित मयून द्वीप पर भी नियंत्रण कर लिया है, जिससे लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाले इस अहम समुद्री मार्ग पर उनकी पकड़ मजबूत हो गई है। शुक्रवार को इस बढ़त के बाद हूती समूह ने कहा था कि स्ट्रेट से अंतरराष्ट्रीय नौवहन “स्वतंत्र, सुरक्षित और सुचारू” रहेगा, लेकिन 20 जुलाई को लगाए गए प्रतिबंध के तहत सऊदी जहाजों को इससे बाहर रखा जाएगा।

इनपुट: IANS

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