उदयपुर में 11 करोड़ से ज़्यादा की गांजा खेती नष्ट, राजस्थान सरकार ने अवैध फसलों पर कसी नकेल
राजस्थान के उदयपुर जिले में अधिकारियों ने एक बड़े संयुक्त अभियान में 9.4 बीघा ज़मीन पर उगाई गई अवैध गांजे की फसल को नष्ट कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई में…
राजस्थान के उदयपुर जिले में अधिकारियों ने एक बड़े संयुक्त अभियान में 9.4 बीघा ज़मीन पर उगाई गई अवैध गांजे की फसल को नष्ट कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई में 7,500 से अधिक गांजे के पौधे ज़ब्त किए गए, जिनकी बाज़ार में कीमत 11.76 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह कार्रवाई राज्य में मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ चल रहे कड़े अभियान का हिस्सा है।
यह भंडाफोड़ उदयपुर की कोटरा तहसील के नयावास गांव में 'ऑपरेशन शंकर' के तहत किया गया। इस संयुक्त टीम में एनसीबी जोधपुर, एएनटीएफ राजस्थान और राजस्थान पुलिस के अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों का अनुमान है कि नष्ट किए गए पौधों से करीब 2,273 किलोग्राम गांजा तैयार किया जा सकता था। एनसीबी जोधपुर ने इस संबंध में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
मादक पदार्थों की खेती पर सख्त सरकारी निर्देश
यह कार्रवाई केंद्र सरकार के उस राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है, जिसके तहत दिसंबर 2027 तक देश के चिह्नित क्षेत्रों से भांग और अफीम की अवैध खेती को पूरी तरह खत्म करना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राजस्थान सरकार ने निगरानी व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है।
नए निर्देशों के तहत, राजस्व अधिकारियों की ज़िम्मेदारी बढ़ा दी गई है। अब पटवारियों को 'गिरदावरी' (फसल निरीक्षण) के दौरान अपने क्षेत्र में मादक फसलों की किसी भी संदिग्ध खेती की तत्काल सूचना अपने वरिष्ठ अधिकारियों को देनी होगी। सूचना मिलने पर गिरदावर को मौके का सत्यापन कर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिसमें ज़मीन के मालिक, खेती के पैमाने और इसमें शामिल लोगों की जानकारी शामिल होगी।
रिपोर्टिंग में देरी पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
राज्य सरकार ने यह भी अनिवार्य कर दिया है कि ऐसी कोई भी रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को भेजी जाए। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की विफलता या देरी को गंभीर लापरवाही माना जाएगा और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी जिला कलेक्टरों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
इनपुट: IANS



