बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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रामपुर: कभी था सपा का किला, उपचुनावों ने कैसे बदल दिया जिले का सियासी समीकरण?

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में कभी समाजवादी पार्टी (सपा) और आजम खान के परिवार का दबदबा माना जाता था, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद हुए दो अहम उपचुनावों ने यहां का राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल…

रामपुर: कभी था सपा का किला, उपचुनावों ने कैसे बदल दिया जिले का सियासी समीकरण?
(फोटो: IANS)

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में कभी समाजवादी पार्टी (सपा) और आजम खान के परिवार का दबदबा माना जाता था, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद हुए दो अहम उपचुनावों ने यहां का राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में जिले की पांच में से सिर्फ दो सीटें जीतने वाली भाजपा ने उपचुनावों में सपा के दो सबसे मजबूत किले, रामपुर सदर और स्वार, भी ढहा दिए।

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रामपुर जिले में कुल पांच विधानसभा सीटें हैं- रामपुर (सदर), स्वार, चमरौआ, बिलासपुर और मिलक। 2022 के आम चुनाव में सपा ने रामपुर सदर, स्वार और चमरौआ पर जीत हासिल की थी, जबकि बिलासपुर और मिलक भाजपा के खाते में गई थीं। लेकिन कानूनी मामलों में सजा के बाद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की विधायकी रद्द हो गई, जिससे इन दोनों सीटों पर उपचुनाव कराने पड़े।

आजम खान का गढ़ भी छिना

रामपुर सदर सीट को आजम खान का अजेय किला माना जाता था, जहां से वह 10 बार विधायक चुने गए। 2022 में उन्होंने भाजपा के आकाश सक्सेना को 55,141 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। आजम को 1,31,225 वोट मिले, जबकि आकाश को 76,084 वोट। लेकिन आजम की विधायकी जाने के बाद हुए उपचुनाव में भाजपा ने बाजी पलट दी। भाजपा के आकाश सक्सेना (हनी) ने सपा के आसिम राजा को 34,136 वोटों से हराकर यह सीट सपा से छीन ली। इस चुनाव में आकाश को 81,432 और आसिम राजा को 47,296 वोट मिले थे। यह सीट मुस्लिम बहुल है, जहां 50% से अधिक मुस्लिम मतदाता हैं।

स्वार में भी बदला समीकरण

स्वार सीट भी आजम खान परिवार का गढ़ मानी जाती थी, जहां से उनके बेटे अब्दुल्ला आजम 2017 और 2022 में लगातार जीते। उनकी सदस्यता रद्द होने के बाद 2023 में हुए उपचुनाव में यह सीट एनडीए के खाते में चली गई। अपना दल (सोनेलाल) के प्रत्याशी शफीक अहमद अंसारी ने सपा की अनुराधा चौहान को 8,724 वोटों से शिकस्त दी। शफीक अंसारी को 68,630 वोट मिले, जबकि अनुराधा चौहान को 59,906 वोट। इस मुस्लिम बहुल सीट पर सैनी, दलित, सिख और लोधी मतदाता भी अहम भूमिका निभाते हैं।

जिले की अन्य सीटों का हाल

चमरौआ: यह सीट फिलहाल सपा के कब्जे में है। 2022 में सपा के नसीर अहमद खान ने भाजपा के मोहन कुमार लोधी को 34,290 वोटों से हराया था। नसीर खान को 1,00,976 वोट मिले थे।

बिलासपुर: 2022 में यहां बेहद करीबी मुकाबला हुआ था, जिसमें भाजपा के बलदेव सिंह औलख ने सपा के अमरजीत सिंह को मात्र 307 वोटों से हराया। बलदेव सिंह को 1,01,998 वोट जबकि अमरजीत सिंह को 1,01,691 वोट मिले थे।

मिलक (सुरक्षित): यह सीट भी भाजपा के पास है। 2022 में भाजपा की राजबाला सिंह ने सपा के विजय सिंह को 5,912 वोटों के अंतर से हराया था। राजबाला को 97,948 वोट और विजय सिंह को 92,036 वोट प्राप्त हुए थे।

इनपुट: IANS

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News4Social उत्तर प्रदेश डेस्क

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