राजस्थान JEN पेपर लीक: जल संसाधन विभाग का सहायक इंजीनियर गिरफ्तार, 25 लाख में खरीदा था प्रश्नपत्र
राजस्थान के चर्चित जूनियर इंजीनियर (JEN) भर्ती परीक्षा-2020 पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। SOG ने जल संसाधन विभाग में तैनात एक सहायक अभियंता (AEN) अतुल मीणा को…
राजस्थान के चर्चित जूनियर इंजीनियर (JEN) भर्ती परीक्षा-2020 पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। SOG ने जल संसाधन विभाग में तैनात एक सहायक अभियंता (AEN) अतुल मीणा को प्रश्नपत्र खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया है। 31 वर्षीय मीणा पर आरोप है कि उन्होंने 25 लाख रुपए में लीक हुआ पेपर हासिल किया था।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह गिरफ्तारी JEN संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 की पुनर्परीक्षा से जुड़ी है, जो 12 सितंबर 2021 को आयोजित हुई थी। SOG के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी अतुल मीणा ने यह सौदा पेपर लीक गिरोह के मुख्य आरोपी के एक रिश्तेदार के ज़रिए किया था, जिसके बाद उन्हें परीक्षा से पहले ही हल किया हुआ प्रश्नपत्र मिल गया।
जांच में हुआ खुलासा
इस मामले का सिरा पहले से गिरफ्तार आरोपी हर्षवर्धन कुमार मीणा उर्फ 'पटवार' से पूछताछ के दौरान मिला। हर्षवर्धन ने ही SOG को बताया था कि उसने अतुल मीणा समेत कई अभ्यर्थियों को लीक पेपर मुहैया कराया था। जांच में पता चला कि 25 लाख रुपए में सौदा तय होने के बाद अतुल को प्रश्नपत्र दिया गया।
गौरतलब है कि मूल JEN भर्ती परीक्षा-2020 को अनियमितताओं के चलते रद्द कर दिया गया था। लेकिन बाद में हुई जांच में SOG ने पाया कि 2021 में हुई पुनर्परीक्षा का पेपर भी लीक हो गया था। इसी आधार पर 19 जनवरी 2026 को एक अलग मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
कई अन्य परीक्षाओं में भूमिका की भी जांच
अतुल मीणा वर्तमान में जल संसाधन विभाग की कोटा उपखंड इकाई में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या विभाग में उनकी नियुक्ति इसी लीक पेपर की मदद से हुई थी। SOG के अनुसार, JEN परीक्षा में सफल होने से पहले अतुल मीणा लगभग एक दर्जन अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी शामिल हो चुके थे, जिनमें उनकी भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद अतुल मीणा को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 5 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। SOG अब उनसे पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, पैसे के लेन-देन और पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने की कोशिश कर रही है। एडीजी विशाल बंसल ने कहा है कि जांच जारी है और सबूतों के आधार पर सभी दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इनपुट: IANS



