दिल्ली में PG छात्रों की सुरक्षा और सुविधाओं पर सरकार का फोकस, नियमों के लिए हाई-पावर्ड कमेटी की पहली बैठक
देशभर से दिल्ली आकर पेइंग गेस्ट (PG) आवासों में रहने वाले लाखों छात्रों के लिए जल्द ही नए नियम लागू हो सकते हैं। छात्रों से मनमाने किराए, सुविधाओं की कमी और सुरक्षा संबंधी शिकायतों को देखते हुए…
देशभर से दिल्ली आकर पेइंग गेस्ट (PG) आवासों में रहने वाले लाखों छात्रों के लिए जल्द ही नए नियम लागू हो सकते हैं। छात्रों से मनमाने किराए, सुविधाओं की कमी और सुरक्षा संबंधी शिकायतों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक हाई-पावर्ड कमेटी का गठन किया है, जिसकी पहली बैठक मंगलवार को हुई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य छात्रों के लिए सुरक्षित और बेहतर रिहाइशी माहौल सुनिश्चित करने के लिए एक ठोस नीति तैयार करना है।
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली सचिवालय में इस उच्चस्तरीय समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए कहा कि छात्रों के लिए सुरक्षित, सुलभ और बेहतर आवास व्यवस्था बनाने पर जोर दिया गया। उन्होंने लिखा, "उच्च शिक्षा के लिए एक सुरक्षित और सहयोगी माहौल बनाने में छात्रों को प्राथमिकता देने का दृष्टिकोण है।"
कौन-कौन थे बैठक में शामिल?
इस महत्वपूर्ण बैठक में दिल्ली सरकार के कई शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। इनमें दिल्ली के मुख्य सचिव, पुलिस कमिश्नर, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) की चेयरपर्सन, दिल्ली नगर निगम (MCD) के कमिश्नर और कमेटी के अन्य वरिष्ठ सदस्य शामिल हुए। इन अधिकारियों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि सरकार इस मुद्दे को लेकर कितनी गंभीर है।
क्यों पड़ी नियमों की जरूरत?
दिल्ली शिक्षा का एक बड़ा केंद्र है, जहां हर साल लाखों छात्र कोचिंग और उच्च शिक्षा के लिए आते हैं। इनमें से एक बड़ी संख्या पीजी या किराए के कमरों में रहती है, जहां उन्हें अक्सर मकान मालिकों की मनमानी, खराब सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।
किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
सूत्रों के मुताबिक, पहली बैठक में कई अहम पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इनमें सभी पीजी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करना, वहां मिलने वाली न्यूनतम सुविधाओं का एक मानक तय करना, किराया नियंत्रण, सीसीटीवी कैमरे और पुलिस वेरिफिकेशन जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं को लागू करना, और छात्रों के लिए एक शिकायत निवारण तंत्र बनाना जैसे मुद्दे शामिल थे। सरकार का लक्ष्य है कि छात्र बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
इनपुट: IANS



