ज्वेलरी किटी स्कीम के नाम पर 700 लोगों से 1.5 करोड़ की ठगी, दुबई भागा आरोपी सूरत एयरपोर्ट पर गिरफ्तार
दिल्ली में एक आकर्षक ज्वेलरी किटी स्कीम की आड़ में 700 से ज्यादा लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में 24 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…
दिल्ली में एक आकर्षक ज्वेलरी किटी स्कीम की आड़ में 700 से ज्यादा लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में 24 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी अनिकेत वर्मा अपने पिता के साथ मिलकर यह स्कीम चलाता था और पैसे जमा होने के बाद परिवार समेत दिल्ली से फरार हो गया था। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने उसे सूरत एयरपोर्ट से पकड़ा।
मामला उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके का है, जहाँ 'बाबा श्याम गिरी ज्वेलर्स' के मालिक नरेश कुमार वर्मा और उनके बेटे अनिकेत वर्मा कई सालों से किटी समितियाँ चला रहे थे। वे लोगों को हर महीने 1,000 रुपये जमा करने के लिए प्रोत्साहित करते थे। वादा यह था कि 24 महीने पूरे होने पर निवेशकों को 28,000 रुपये कीमत के गहने या इतनी ही नकदी दी जाएगी।
दुबई भाग गया था परिवार
इस आकर्षक योजना के झाँसे में आकर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जमापूँजी लगा दी। जब पैसे लौटाने का समय आया तो वर्मा परिवार दिल्ली में अपनी संपत्तियाँ बेचकर फरार हो गया। जाँच में पता चला कि वे दुबई में रह रहे थे। EOW ने उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था। 10 सितंबर को जब अनिकेत वर्मा सूरत एयरपोर्ट पर उतरा, तो उसे हिरासत में ले लिया गया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की एक टीम ने सूरत पहुँचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
कैसे हुई जाँच और गिरफ्तारी
पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर EOW ने 8 अक्टूबर, 2025 को आईपीसी की धारा 420, 406 और 120बी के तहत FIR दर्ज की थी। जाँच के दौरान पीड़ितों से हाथ से लिखी रसीदें भी जब्त की गईं, जो आरोपियों द्वारा नकद किस्तें लेने का सबूत थीं। पुलिस के अनुसार, यह परिवार पिछले 10-12 सालों से ऐसी स्कीमें चला रहा था और करीब 1200 लोगों को अपना शिकार बना चुका था।
पुलिस अब इस मामले में पीड़ितों की सही संख्या, ठगी गई कुल रकम और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जाँच कर रही है। मुख्य सह-आरोपी और अनिकेत के पिता नरेश कुमार वर्मा को दुबई से वापस लाने के लिए कानूनी और कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं।
इनपुट: IANS



