गुरूवार, 2 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए फंडिंग: राजस्थान CID ने औरंगाबाद से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया

भारत में जासूसी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को पैसा मुहैया कराने वाले एक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान पुलिस की सीआईडी (इंटेलिज

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए फंडिंग: राजस्थान CID ने औरंगाबाद से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया
(फोटो: IANS)

भारत में जासूसी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को पैसा मुहैया कराने वाले एक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान पुलिस की सीआईडी (इंटेलिजेंस) विंग ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी रफीक चांद शेख को गिरफ्तार किया है, जिस पर आईएसआई के लिए फंडिंग एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप है।

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यह गिरफ्तारी 'ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923' के तहत चल रही एक बड़ी जांच का हिस्सा है। अधिकारियों का आरोप है कि रफीक चांद शेख भारत में मौजूद संदिग्ध जासूसों तक पाकिस्तानी हैंडलर्स से मिले पैसे पहुंचाता था। उसकी गिरफ्तारी 30 जून को वित्तीय लेन-देन और नेटवर्क में उसकी भूमिका की पुष्टि होने के बाद की गई।

जांच में कैसे सामने आया नाम?

यह मामला पहले पकड़े गए दो आरोपियों से जुड़ा है। इनमें से एक राजस्थान के जैसलमेर का झाबरा राम और दूसरा असम के डिब्रूगढ़ में भारतीय वायु सेना स्टेशन पर तैनात मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) सुमित कुमार था। इन दोनों पर भारतीय सशस्त्र बलों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी आईएसआई हैंडलर्स को भेजने का आरोप था।

इसी मामले की जांच के दौरान सीआईडी इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने पैसों के लेन-देन की कड़ियों को जोड़ा। जांच में पाया गया कि जासूसी के बदले आईएसआई की तरफ से पैसा रफीक चांद शेख (पिता: चांद मिया शेख) के जरिए भेजा जा रहा था।

चार साल से ISI के संपर्क में

जांच एजेंसी के अनुसार, पूछताछ में रफीक ने बताया कि वह करीब चार साल से आईएसआई के एक हैंडलर के संपर्क में था। अधिकारियों ने बताया कि उसे सोशल मीडिया के जरिए निर्देश मिलते थे, जिनके आधार पर उसने अपने और दूसरों के नाम पर कई बैंक खाते खुलवाए थे। इन्हीं खातों का इस्तेमाल कथित जासूसों को पैसे भेजने के लिए किया जाता था।

सीआईडी (इंटेलिजेंस) के मुताबिक, इस मामले में जांच अभी जारी है। अधिकारी इस कथित आईएसआई फंडिंग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी गहनता से पड़ताल कर रहे हैं ताकि नेटवर्क के पूरे विस्तार का पता लगाया जा सके और इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान की जा सके।

इनपुट: IANS

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News4Social वायर डेस्क

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