पंजाब में पराली संकट: 2700 से ज़्यादा मामले, ₹46 लाख जुर्माना और 710 FIR भी बेअसर?
पंजाब में धान की कटाई के साथ ही पराली जलाने की समस्या एक बार फिर गंभीर हो गई है। प्रशासन की लगातार कोशिशों के बावजूद राज्य में 5 नवंबर तक पराली जलाने के 2,787 मामले सामने आ चुके हैं। समाचार एजेंसी…
पंजाब में धान की कटाई के साथ ही पराली जलाने की समस्या एक बार फिर गंभीर हो गई है। प्रशासन की लगातार कोशिशों के बावजूद राज्य में 5 नवंबर तक पराली जलाने के 2,787 मामले सामने आ चुके हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए भारी-भरकम जुर्माना लगाने से लेकर FIR दर्ज करने तक की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन ज़मीनी हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) के आंकड़ों के अनुसार, अधिकारियों ने 2,194 जगहों का दौरा किया, जिनमें से 994 स्थानों पर खेतों में आग लगाए जाने की पुष्टि हुई है। इन मामलों में प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए अब तक कुल 710 FIR दर्ज की हैं। इसके अलावा 829 मामलों में किसानों के राजस्व रिकॉर्ड में 'रेड एंट्री' भी की गई है, जिससे उन्हें भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में मुश्किल हो सकती है।
जुर्माना और वसूली की स्थिति
पर्यावरण को हो रहे नुकसान के लिए 914 मामलों में कुल 46.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। हालांकि, अब तक इसमें से केवल 24.85 लाख रुपये की ही वसूली हो पाई है। इसके अतिरिक्त, राज्य भर में किसानों को 786 चेतावनी या कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और 18 मामलों में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की गई है।
कौन से ज़िले सबसे आगे?
पराली जलाने के मामलों में तरनतारन ज़िला 586 घटनाओं के साथ सबसे ऊपर है। इसके बाद फिरोजपुर (361), संगरूर (240), अमृतसर (221) और बठिंडा (216) का स्थान है। पटियाला में भी 156 मामले दर्ज हुए, जहाँ प्रशासन ने 2.15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और 27 FIR दर्ज की हैं।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब राज्य के कुल 32.87 लाख हेक्टेयर धान के रकबे में से लगभग 87.60 प्रतिशत हिस्से में कटाई पूरी हो चुकी है। इन आंकड़ों से साफ है कि सख्त उपायों के बावजूद कई ज़िलों में किसान पराली जलाने से बाज़ नहीं आ रहे हैं।
इनपुट: IANS



