पंजाब: नवांशहर में बनेगा नया मेडिकल कॉलेज और सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल, सरकार ने जारी किया आशय पत्र
पंजाब के शहीद भगत सिंह (SBS) नगर में अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और शिक्षण अस्पताल की स्थापना का रास्ता साफ़ हो गया है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने इसे एक अहम वादा पूरा करना बताते हुए परियोजना के लिए आशय…
पंजाब के शहीद भगत सिंह (SBS) नगर में अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और शिक्षण अस्पताल की स्थापना का रास्ता साफ़ हो गया है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने इसे एक अहम वादा पूरा करना बताते हुए परियोजना के लिए आशय पत्र (LOI) जारी कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इसे क्षेत्र के लिए एक 'ऐतिहासिक दीपावली उपहार' बताया।
इस पूरी परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। पंजाब अवसंरचना विकास बोर्ड (PIDB) ने 'डिज़ाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण' (DBFOT) आधार पर यह ठेका इंडस सुपर स्पेशलिटी हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड को दिया है।
लगभग 160 करोड़ का निवेश और नई सुविधाएँ
मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने जानकारी दी कि इस परियोजना में करीब 160 करोड़ रुपए का निवेश होगा। इसके तहत नवांशहर के मौजूदा 150 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल को 220 बिस्तरों वाले शिक्षण अस्पताल में बदला जाएगा। इस अपग्रेडेशन में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मानकों का पालन किया जाएगा और साथ ही एक नया शैक्षणिक और आवासीय ढाँचा भी तैयार होगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि परिसर में 30 बिस्तरों वाली एक सुपर-स्पेशियलिटी कार्डियक केयर यूनिट भी स्थापित की जाएगी। इसमें एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के लिए कैथेटराइजेशन लैब (कैथ लैब) जैसी आधुनिक इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।
डेढ़ साल में शुरू होने की उम्मीद
परियोजना को पूरा करने की औपचारिक समय-सीमा तीन साल है, लेकिन मंत्री ने उम्मीद जताई कि यह डेढ़ साल में ही चालू हो सकता है। उन्होंने कहा, “अस्पताल भवन, डायलिसिस केंद्र और गहन चिकित्सा कक्ष ब्लॉक पहले से ही मौजूद हैं, इसलिए मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण अगले महीने शुरू हो जाएगा।”
इस नए मेडिकल कॉलेज में MBBS की 50 वार्षिक सीटें होंगी, जिनमें से 50 प्रतिशत सीटें राज्य सरकार के कोटे के लिए आरक्षित रहेंगी। इससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में सस्ती दरों पर चिकित्सा शिक्षा हासिल करने का मौका मिलेगा।
आसपास के कई कस्बों को मिलेगा लाभ
स्वास्थ्य मंत्री ने इस परियोजना के क्षेत्रीय महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि यह नवांशहर, बालाचौर, रोपड़, गढ़शंकर, बंगा और माछीवाड़ा जैसे कस्बों के लिए जीवन रेखा साबित होगी। उन्होंने बताया कि पहले दिल के दौरे जैसे गंभीर मामलों में मरीज़ों को चंडीगढ़ पीजीआई या जालंधर और लुधियाना जैसे दूर के केंद्रों में ले जाना पड़ता था, जिससे जान का खतरा बढ़ जाता था। अब विश्व स्तरीय आपातकालीन और हृदय संबंधी इलाज 'गोल्डन आवर' में घर के पास ही मिल सकेगा।
इनपुट: IANS



