महंगाई भत्ता मामला: पंजाब के मुख्य सचिव ने हाईकोर्ट में बिना शर्त माफ़ी मांगी, 12 अक्टूबर को अगली सुनवाई
पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने महंगाई भत्ते (DA) से जुड़े एक मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष बिना शर्त माफी मांग ली है। यह मामला हाईकोर्ट के आदेशों की कथित अवमानना से जुड़ा है…
पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने महंगाई भत्ते (DA) से जुड़े एक मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष बिना शर्त माफी मांग ली है। यह मामला हाईकोर्ट के आदेशों की कथित अवमानना से जुड़ा है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की याचिका की स्थिति को लेकर दिए गए बयान पर सवाल उठे थे। अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को संबंधित बेंच के सामने होगी।
शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान, समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य के वकील विकास सिंह ने अदालत को बताया कि मुख्य सचिव का इरादा सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) की कमियों को लेकर गलत बयान देने का नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अदालत चाहे तो अधिकारी बिना शर्त माफ़ी मांगने के लिए तैयार हैं।
क्या है पूरा विवाद?
यह मामला तब तूल पकड़ गया जब हाईकोर्ट ने 3 अगस्त के अपने फैसले के खिलाफ राज्य की अपील की स्थिति पर मुख्य सचिव के बयान पर सवाल उठाए। राज्य सरकार ने पहले अदालत को सूचित किया था कि उसने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की एक रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ कि पंजाब सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) द्वारा दायर की गई अपीलों में अभी भी खामियां थीं और वे दुरुस्त नहीं की गई थीं।
अदालत की गरिमा सर्वोपरि
चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की बेंच ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायपालिका की गरिमा और अधिकार को हर हाल में बनाए रखना ज़रूरी है। बेंच ने कहा, "इस कोर्ट की जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि कोर्ट की गरिमा पर किसी भी तरह की आंच न आए।" अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि कार्यवाही की शुचिता पर सवाल उठाने वाले किसी भी सुझाव से सावधानी से निपटा जाना चाहिए।
इसी रुख को अपनाते हुए बेंच ने निर्देश दिया कि इस मामले को अब आपराधिक अवमानना से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली सक्षम रोस्टर बेंच के सामने रखा जाए, जहां 12 अक्टूबर को इस पर आगे विचार किया जाएगा।
इनपुट: IANS



