अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय पर अमेरिकी प्रतिबंध: संयुक्त राष्ट्र और 8 देशों ने जताई गंभीर चिंता
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) पर अमेरिकी प्रतिबंधों के फैसले ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) के…
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) पर अमेरिकी प्रतिबंधों के फैसले ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उनके साथ ही दुनिया के आठ प्रमुख देशों ने भी इस फैसले का कड़ा विरोध किया है।
शुक्रवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ICC पर इन प्रतिबंधों की घोषणा की थी। उन्होंने बताया था कि इन उपायों के तहत अदालत के साथ वित्तीय लेन-देन पर रोक लगेगी, उसके संसाधनों को सीमित किया जाएगा और उसकी कार्यक्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित करने की कोशिश की जाएगी।
संयुक्त राष्ट्र ने बताया 'बड़ा झटका'
गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने महासचिव की चिंता को व्यक्त करते हुए कहा, "महासचिव इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि आज लगाए गए प्रतिबंधों का असर पूरे आईसीसी पर पड़ेगा। खास तौर पर अदालत की उन महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर, जिन्हें उसे सुरक्षा परिषद और रोम संविधि के सदस्य देशों की ओर से सौंपा गया है।"
प्रवक्ता ने आगे कहा, "आज का फैसला अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्याय की सामूहिक कोशिशों के लिए बड़ा झटका है, जिसमें आईसीसी एक महत्वपूर्ण स्तंभ की भूमिका निभाता है।" दुजारिक ने महासचिव का संदेश दोहराते हुए कहा कि UN, ICC और उसके अधिकारियों की स्वतंत्रता का अटूट समर्थन करता है और सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील करता है।
आठ देशों ने जारी किया संयुक्त बयान
अमेरिका के इस एकतरफा फैसले के खिलाफ आठ देशों ने एकजुट होकर अपनी आवाज़ उठाई। कनाडा, डेनमार्क, जर्मनी, फ्रांस, इटली, जापान, नीदरलैंड और ब्रिटेन के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर अमेरिकी प्रतिबंधों पर खेद जताया और इसका पुरजोर विरोध किया।
बयान में कहा गया, "हम आईसीसी की रोम संविधि के हस्ताक्षरकर्ता देश, अदालत की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और ईमानदारी के प्रति अपने निरंतर और अटूट समर्थन की फिर से पुष्टि करते हैं।" इन देशों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे दिसंबर 2026 में होने वाली स्टेट्स पार्टीज की बैठक की तैयारी के दौरान गैर-सदस्य देशों के साथ रचनात्मक संवाद जारी रखेंगे।
इनपुट: IANS



