जगन गुर्जर हत्याकांड: मुख्य आरोपी विष्णु जाट भारी सुरक्षा में जयपुर लाया गया, जेल में हत्या की गुत्थी सुलझाने की कोशिश
अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में पूर्व डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी विष्णु सिंह जाट को हिरासत में ले लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विष्णु जाट को प्रोडक्शन वारंट प
अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में पूर्व डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी विष्णु सिंह जाट को हिरासत में ले लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विष्णु जाट को प्रोडक्शन वारंट पर भारी सुरक्षा के बीच अजमेर से जयपुर के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन लाया गया। इस दौरान बख्तरबंद गाड़ी और हथियारों से लैस पुलिसकर्मियों का बड़ा दस्ता तैनात रहा, क्योंकि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए धौलपुर और आसपास के इलाकों में तनाव की आशंका है।
पुलिस अब विष्णु को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड की मांग करेगी। जांच का मुख्य उद्देश्य हत्या के पीछे की असली वजह का पता लगाना है। अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि यह वारदात आपसी रंजिश का नतीजा थी, किसी बड़े गैंग की साजिश का हिस्सा थी, या इसमें जेल प्रशासन की कोई लापरवाही या मिलीभगत शामिल है।
साजिश और सुरक्षा में सेंध
यह सनसनीखेज घटना 29 जून को राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में हुई थी, जब जगन गुर्जर अपनी बैरक में मृत पाया गया था। शुरुआती जांच में सामने आया कि भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु जाट ने ही तौलिये और गमछे से गला घोंटकर जगन की हत्या की।
पुलिस के मुताबिक, विष्णु ने इस हत्या को आत्महत्या का रूप देने की भी कोशिश की थी। उसने सबूत मिटाने के लिए बैरक के सीसीटीवी कैमरे पर टूथपेस्ट लगा दिया ताकि घटना रिकॉर्ड न हो सके। इसके बाद उसने गुर्जर के शव को उसी गमछे से करीब 13 फीट ऊंचे पंखे से लटकाने का प्रयास किया, ताकि जांच अधिकारी गुमराह हो जाएं। हालांकि, घटनास्थल के सबूतों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने गला घोंटने से मौत की पुष्टि कर दी।
जेल प्रबंधन पर गंभीर सवाल
इस हत्याकांड ने राज्य की सबसे सुरक्षित जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल नियमों के तहत जगन गुर्जर और विष्णु जाट दोनों 'हाई-रिस्क' कैदी थे और उन्हें अलग-अलग बैरकों में रखा जाना था। अब यह जांच का विषय है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद विष्णु अपनी सेल से निकलकर जगन की बैरक तक कैसे पहुंच गया। इस मामले ने गुर्जर बहुल इलाकों, खासकर धौलपुर में काफी आक्रोश पैदा किया है।
इनपुट: IANS



