चेन्नई: माँ ने फर्टिलिटी क्लिनिक पर लगाया बच्चा छीनने का आरोप, निसंतान दंपति पर भी केस दर्ज
चेन्नई में एक 27 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर माँ ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि एक निसंतान दंपति और निजी फर्टिलिटी क्लिनिक ने मिलकर उसके नवजात बेटे को उससे अलग कर दिया है और अब उसे लौटाने से इनकार कर…
चेन्नई में एक 27 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर माँ ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि एक निसंतान दंपति और निजी फर्टिलिटी क्लिनिक ने मिलकर उसके नवजात बेटे को उससे अलग कर दिया है और अब उसे लौटाने से इनकार कर रहे हैं। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने क्लिनिक के डॉक्टर और तिरुवोत्तियूर के एक दंपति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, चेंगलपट्टू की रहने वाली के. मेगला ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण डॉक्टर की सलाह पर वह अपने बच्चे को तीन महीने के लिए एक दंपति के पास रखने को तैयार हो गई थीं। अब उनका आरोप है कि दंपति बच्चा वापस नहीं कर रहा है। पुलिस इस मामले में सभी पक्षों से पूछताछ कर रही है, लेकिन अधिकारियों का यह भी कहना है कि महिला के बयानों में कुछ विरोधाभास हैं, जिनकी गहराई से पड़ताल की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, मेगला के पति का फरवरी 2025 में निधन हो गया था, उस समय वह तीन महीने की गर्भवती थीं। उनका एक चार साल का बेटा पहले से है और वह गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही थीं। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर कोलाथुर के एक अस्पताल में मुफ्त इलाज का विज्ञापन देखकर वह गर्भावस्था के सातवें महीने में वहां गईं और अपनी माली हालत के बारे में डॉक्टरों को बताया।
मेगला ने 29 जुलाई 2025 को एक बेटे को जन्म दिया। उनका आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने पहले तो बच्चे को आइसोलेशन में रखने की बात कही और डिलीवरी के 10 दिन बाद उन्हें बच्चा दिखाया।
देखभाल के लिए सौंपा गया बच्चा
शिकायत के अनुसार, एक डॉक्टर ने उन्हें तिरुवोत्तियूर के एक निसंतान दंपति से मिलवाया। डॉक्टर ने सुझाव दिया कि वे बच्चे को तीन महीने के लिए उस दंपति की देखभाल में दे दें, जिसके बाद वह उन्हें लौटा दिया जाएगा। मेगला इस अस्थायी व्यवस्था के लिए सहमत हो गईं।
उनका आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने बच्चे को उस दंपति को सौंप दिया। लेकिन जब हाल ही में उन्होंने अपने बेटे को वापस मांगा, तो दंपति ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस से मदद की गुहार लगाई। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्चा दंपति तक कैसे पहुंचा और क्या यह व्यवस्था वाकई अस्थायी थी।
इनपुट: IANS



