मुक्त व्यापार समझौते (FTA): 60 ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक बाज़ार तक कैसे पहुँच रहा है भारत?
भारत द्वारा हाल ही में किए गए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़े अवसर खोल रहे हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, इन रणनीतिक समझौतों से भारतीय…
भारत द्वारा हाल ही में किए गए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़े अवसर खोल रहे हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, इन रणनीतिक समझौतों से भारतीय उत्पादों और सेवाओं को लगभग 60 ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक बाज़ारों तक पहुँच मिल रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये समझौते भारत को एक बड़ा वैश्विक निर्यात केंद्र बनाने, विनिर्माण को बढ़ावा देने और बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने में सहायक होंगे।
सरकार की इस रणनीति का उद्देश्य भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाज़ार खोलना, घरेलू उद्योगों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किए गए एक वीडियो में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, "यही वजह है कि भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ लगातार मुक्त व्यापार समझौते कर रहा है।"
समझौतों का उद्योगों पर असर
इन व्यापार समझौतों का लाभ कई प्रमुख क्षेत्रों को मिल रहा है। खास तौर पर टेक्सटाइल, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर को कम या शून्य आयात शुल्क का फायदा मिला है। इससे इन भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाज़ारों में पहुँच और भी मज़बूत हुई है। इसका असर पिछले पाँच वर्षों के निर्यात आंकड़ों में भी दिखता है, जिसमें 73 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इन समझौतों में डेयरी और कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की पूरी तरह से सुरक्षा हो।
विदेशी निवेश और विनिर्माण को बढ़ावा
पीयूष गोयल ने इस बात पर भी जोर दिया कि इन मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से भारत में अरबों डॉलर का निवेश आ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल देश के विनिर्माण क्षेत्र को गति मिल रही है, बल्कि भारतीय कंपनियों को वैश्विक वैल्यू चेन से जुड़ने का एक सुनहरा मौका भी मिल रहा है। ये समझौते विदेशी निवेश को आकर्षित करने के नए रास्ते बना रहे हैं, जो भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।
यह व्यापक रणनीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को एक निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने के दृष्टिकोण को दर्शाती है। हाल ही में सरकार ने संसद में जानकारी दी थी कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 863.1 अरब डॉलर का अब तक का सर्वाधिक निर्यात किया। वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के अनुसार, इसमें 441.8 अरब डॉलर का वस्तु निर्यात और 421.3 अरब डॉलर का सेवा निर्यात शामिल था।
इनपुट: IANS



