Persistent Systems: मुनाफा घटा, लेकिन रिकॉर्ड डील और राजस्व में बढ़ोतरी से भविष्य की उम्मीदें मज़बूत
देश की प्रमुख आईटी कंपनी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस दौरान कंपनी के मुनाफे में पिछली तिमाही के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई…
देश की प्रमुख आईटी कंपनी पर्सिस्टेंट सिस्टम्स लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस दौरान कंपनी के मुनाफे में पिछली तिमाही के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई, लेकिन रिकॉर्ड स्तर पर मिले नए सौदों और राजस्व में हुई बढ़ोतरी ने भविष्य के लिए एक सकारात्मक तस्वीर पेश की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने इस अवधि में 1.15 अरब डॉलर की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) हासिल की, जो अब तक का एक रिकॉर्ड है।
तिमाही नतीजों के अनुसार, अप्रैल-जून 2027 की अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 483 करोड़ रुपए रहा, जो इससे ठीक पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) के 529 करोड़ रुपए के मुकाबले 8.7% कम है। हालांकि, इसी दौरान कंपनी के ऑपरेशन से होने वाली आय 6.1% बढ़कर 4,303 करोड़ रुपए पर पहुंच गई, जबकि पिछली तिमाही में यह 4,056 करोड़ रुपए थी।
मुनाफे और मार्जिन पर दबाव
आंकड़ों के मुताबिक, इस तिमाही में कंपनी के मुनाफे पर दबाव देखने को मिला। कंपनी का ब्याज और टैक्स से पहले का लाभ (EBIT) पिछली तिमाही के 659 करोड़ रुपए से 11.8% घटकर 582 करोड़ रुपए रह गया। इसके चलते कंपनी का EBIT मार्जिन भी 16.3% से 280 अंक गिरकर 13.5% पर आ गया।
रणनीतिक सौदे और भविष्य की योजना
नतीजों पर टिप्पणी करते हुए पर्सिस्टेंट के सीईओ और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संदीप कालरा ने कहा, "तिमाही नतीजों को 1.15 अरब डॉलर की रिकॉर्ड टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (टीसीवी) से मजबूती मिली। यह बड़े क्लाइंट एंगेजमेंट में लगातार बनी हुई तेजी को दिखाता है, जिसमें एक प्रमुख ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ 6.5 साल का स्ट्रैटेजिक सर्विस एग्रीमेंट भी शामिल है, जिसकी टीसीवी 650 मिलियन डॉलर से ज्यादा है।"
कालरा ने एक और महत्वपूर्ण समझौते का जिक्र करते हुए कहा, "हमने फ्रैंकफर्ट स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड यूरोप की प्रमुख डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी, नगरो के साथ एक बिजनेस कॉम्बिनेशन एग्रीमेंट साइन किया। यह डील हमारी उस विलय एवं अधिग्रहण रणनीति के मुताबिक है, जिसे हमने अपनी क्षमताओं को मजबूत करने और अपने भौगोलिक दायरे व इंडस्ट्री कवरेज को बढ़ाने के लिए लगातार अपनाया है।" उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी अपने 3C फ्रेमवर्क और AI-आधारित प्लेटफॉर्म में निवेश जारी रखेगी ताकि ग्राहकों को और बेहतर सेवा दी जा सके।
इनपुट: IANS



