पटना में छात्रों और किसानों का साझा विरोध, प्रशांत किशोर ने सरकार को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
पटना में मंगलवार को छात्रों और किसानों के अलग-अलग मुद्दों पर हुए प्रदर्शनों ने शहर में तनाव का माहौल बना दिया। भर्ती और परीक्षाओं से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे छात्र संगठनों को प्रस्तावि…
पटना में मंगलवार को छात्रों और किसानों के अलग-अलग मुद्दों पर हुए प्रदर्शनों ने शहर में तनाव का माहौल बना दिया। भर्ती और परीक्षाओं से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे छात्र संगठनों को प्रस्तावित पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का विरोध कर रहे किसानों का भी साथ मिला। इस पूरे घटनाक्रम पर बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया देते हुए सरकार को चेताया है।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, प्रशांत किशोर ने छात्रों और किसानों की मांगों को जायज ठहराते हुए सरकार से उन पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन चिंताओं को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने शिक्षा के निजीकरण और व्यावसायीकरण, कोचिंग संस्थानों के बढ़ते प्रभाव, पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर बात करते हुए चेतावनी दी कि अगर इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में बड़े छात्र आंदोलन हो सकते हैं।
छात्रों और किसानों की मांगें
एक तरफ जहां छात्र संगठन भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों को लेकर लोक भवन की ओर मार्च कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर पुनपुन, नौबतपुर, मसौढ़ी और फतुहा जैसे इलाकों के किसान प्रस्तावित टाउनशिप परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए कई जगहों पर बैरिकेडिंग भी की थी। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना था कि उनकी कृषि भूमि ही उनकी आजीविका का मुख्य जरिया है, जिस पर वे साल में तीन फसलें उगाते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जमीन जाने से उनके परिवारों की शिक्षा, शादी और अन्य जरूरी खर्चे पूरे करने की क्षमता खतरे में पड़ जाएगी।
प्रशांत किशोर का सरकार पर निशाना
किसानों की चिंताओं का समर्थन करते हुए प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि सरकार की भूमि नीति से किसानों की कीमत पर बड़े उद्योगपतियों को फायदा हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि कीमती कृषि भूमि को कम दामों पर हस्तांतरित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस नीति को बिहार में लागू करना मुश्किल है और उपजाऊ भूमि के बड़े हिस्से के अधिग्रहण से व्यापक अशांति फैल सकती है। पुलिस की कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं ने लोकतंत्र की ताकत दिखाई है और अब अधिकारी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने से पहले दो बार सोचते हैं, जिसे उन्होंने एक सकारात्मक बदलाव बताया।
विरोध प्रदर्शन के बीच, पटना के जिलाधिकारी, एसएसपी और एसपी मौके पर पहुंचे और किसान प्रतिनिधियों से बातचीत कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया। गौरतलब है कि बिहार सरकार ने राज्य भर में 12 टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप भी शामिल है, जिसका किसान विरोध कर रहे हैं।
इनपुट: IANS



