इमरान खान को अस्पताल में भर्ती करने का आदेश, पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य पर जताई चिंता
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के स्वास्थ्य और मानवाधिकारों को लेकर एक अहम आदेश जारी किया है। अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद…
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के स्वास्थ्य और मानवाधिकारों को लेकर एक अहम आदेश जारी किया है। अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद इमरान खान को उचित चिकित्सा जांच और इलाज के लिए इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया जाए। यह फैसला मंगलवार को जस्टिस शाहिद वहीद की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सुनाया।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह आदेश उन कई याचिकाओं पर सुनवाई के बाद आया, जिनमें इमरान खान को अस्पताल में भर्ती करने और उनके परिवार से मिलने की अनुमति देने की मांग की गई थी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह आदेश कैदी के स्वास्थ्य, सुरक्षा और जीने के अधिकार के साथ-साथ चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच की संवैधानिक गारंटी को ध्यान में रखते हुए जारी किया जा रहा है।
स्वास्थ्य रिपोर्ट और डॉक्टर की सलाह
अदालत का यह फैसला अदियाला जेल अधीक्षक द्वारा इमरान खान की स्वास्थ्य रिपोर्ट दाखिल किए जाने के बाद आया। रिपोर्ट में पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) के चिकित्सक डॉ. अख्तर अली बंदेशाह द्वारा 1 अगस्त को की गई जांच का हवाला दिया गया। डॉक्टर ने 74 वर्षीय खान में अनियंत्रित ब्लड प्रेशर, धड़कन, सिरदर्द और बेचैनी जैसी शिकायतें दर्ज की थीं।
डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान ने इन लक्षणों का कारण अपनी पत्नी और परिवार से सीमित संपर्क, सामाजिक अलगाव और अखबार-टेलीविजन जैसी सुविधाओं की कमी को बताया था। डॉक्टर ने उनके मानसिक दबाव को कम करने के लिए पत्नी से अधिक मुलाकातें करवाने और पढ़ने की सामग्री उपलब्ध कराने की सलाह दी थी। साथ ही, उन्होंने सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी कराने और ब्लड प्रेशर की दवा बढ़ाने की भी सिफारिश की थी।
इमरान खान की याचिका और संयुक्त राष्ट्र की चिंता
इमरान खान ने मई में खुद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में ट्रांसफर, अपने निजी डॉक्टरों और परिवार से मुलाकात की इजाजत मांगी थी। इससे पहले, पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिवेदक एलिस जिल एडवर्ड्स ने भी इमरान खान की जेल की स्थितियों पर गंभीर चिंता जताई थी।
एडवर्ड्स ने एक पोस्ट में लिखा था, "पूर्व पीएम इमरान खान को अब 33 महीनों से लगभग पूरी तरह से अकेले रखा गया है।" उन्होंने पाकिस्तान सरकार से मानवीय आधार पर इमरान खान को अपनी पसंद का मेडिकल टेस्ट और इलाज कराने देने की अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में इमरान खान और उनके परिवार के सदस्यों के बीच हर हफ्ते मुलाकात की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया है। इसके अलावा, एक मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया गया है, जिसमें उनके निजी चिकित्सक और उनकी बहन उज्मा खान भी शामिल होंगी।
इनपुट: IANS



