सिंध में जल विवाद: पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने पानी की 'चोरी' के खिलाफ प्रांतव्यापी प्रदर्शन किए
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में सिंधु नदी के पानी के बंटवारे को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रांत की सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने संघीय सरकार पर अपने हिस्से के पानी की 'चोरी' का आरोप…
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में सिंधु नदी के पानी के बंटवारे को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रांत की सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने संघीय सरकार पर अपने हिस्से के पानी की 'चोरी' का आरोप लगाते हुए पूरे प्रांत में बड़े पैमाने पर रैलियां निकाली हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो इस आंदोलन को और भी तेज किया जाएगा।
शुक्रवार को हुए इन प्रदर्शनों में पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने "सिंध के पानी की चोरी बंद करो" जैसे नारों वाली तख्तियां लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। सिंध पीपीपी के अध्यक्ष निसार खुहरो के नेतृत्व में हुई मुख्य रैली में उन्होंने कहा कि यह विरोध प्रदर्शनों का दूसरा चरण था, जो सिंध में 130 अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किया गया।
समझौते के उल्लंघन का आरोप
पीपीपी नेताओं ने संघीय सरकार और सिंधु नदी प्रणाली प्राधिकरण (IRSA) पर 1991 के जल बंटवारा समझौते को निष्पक्ष रूप से लागू न करने का आरोप लगाया है। निसार खुहरो ने दावा किया कि सिंध को उसके संवैधानिक हिस्से का पानी लगातार नहीं दिया जा रहा है, जबकि पाकिस्तान के ऊपरी प्रांतों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने विशेष रूप से चश्मा-झेलम, तौंसा-पंजनद और जलालपुर लिंक नहरों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इनके जरिए सिंध के हिस्से का पानी अवैध रूप से दूसरी ओर मोड़ा जा रहा है। खुहरो के अनुसार, इन नहरों का इस्तेमाल केवल बाढ़ की स्थिति में होना था, लेकिन इन्हें नियमित रूप से चलाकर सिंध तक पहुंचने वाले पानी के प्रवाह को कम किया जा रहा है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि पानी के बंटवारे में यह कथित अन्याय जारी रहा तो वे आंदोलन का तीसरा चरण शुरू करेंगे। इसके तहत सिंध के सभी संभागीय मुख्यालयों पर विशाल रैलियां आयोजित की जाएंगी। खुहरो ने कहा, "जल ही जीवन है... और हम किसी को भी अपने लोगों का भविष्य छीनने नहीं देंगे।"
इसी रैली में पीपीपी के दक्षिण जिला अध्यक्ष जावेद नागोरी ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उनकी पार्टी सिंध के जल अधिकारों पर कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा, "हमारा खून बह सकता है, लेकिन हम किसी को भी सिंध का पानी छीनने नहीं देंगे।"
इनपुट: IANS



