गुजरात: 'म्यूल हंट 2.0' में बड़ी कार्रवाई, 800 करोड़ की साइबर ठगी से जुड़े 4 आरोपी गिरफ्तार
गुजरात पुलिस ने राज्यव्यापी अभियान 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। अहमदाबाद और सूरत से चार ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके बैंक खाते देश भर में हुई 802 करोड़ रुप
गुजरात पुलिस ने राज्यव्यापी अभियान 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। अहमदाबाद और सूरत से चार ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके बैंक खाते देश भर में हुई 802 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े पाए गए हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस अभियान में अब तक कुल 55 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिससे साइबर अपराध के एक विशाल नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि गिरफ्तार किए गए लोगों के बैंक खाते नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज 1,117 अलग-अलग शिकायतों से संबंधित हैं। ये शिकायतें देश के लगभग हर कोने से दर्ज कराई गई थीं।
अहमदाबाद में फर्जी फर्म का भंडाफोड़
एक मामले में अहमदाबाद के वस्त्राल निवासी विशाल डोडिया को पकड़ा गया। आरोप है कि उसने 'चामुंडा कम्युनिकेशन' के नाम से एक फर्जी कंपनी बनाकर विभिन्न बैंकों में तीन खाते खुलवाए थे। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगों द्वारा देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों से ऑनलाइन ठगी गई रकम जमा करने और ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।
अकेले 'चामुंडा कम्युनिकेशन' के खातों से ही 161 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़े 253 से अधिक साइबर अपराध के मामले सामने आए हैं। इन शिकायतों में महाराष्ट्र से 56, कर्नाटक से 28, और गुजरात से 23 मामले शामिल हैं। इसके अलावा 20 अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से भी शिकायतें दर्ज हुई हैं। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भावनगर बैंक हैकिंग में दो गिरफ्तार
एक अन्य बड़ी कार्रवाई भावनगर जिला सहकारी बैंक हैकिंग मामले में हुई। इस मामले में पुलिस ने सूरत से मोहम्मद खालिक गुलाम हुसैन (40) और शोएब गुलाबनबी राणा (38) को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि हैकर्स ने बैंक के सर्वर, डेटाबेस और कोर बैंकिंग सिस्टम में सेंध लगाकर इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में हेरफेर किया था।
इसके बाद फर्जी खाते बनाकर उनमें बैलेंस दिखाया गया और 7.34 करोड़ रुपये की रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई। पुलिस के अनुसार, खालिक बैंक खाते का धारक था, जबकि शोएब उसे ऑपरेट करता था।
197 बैंक खातों का नेटवर्क
म्यूल बैंक खातों से जुड़े एक और मामले में सीआईडी क्राइम ने अहमदाबाद के अफजल पीर मोहम्मद मंसूरी को भी गिरफ्तार किया है। उसके जब्त मोबाइल फोन से 197 बैंक खातों की जानकारी मिली। इनमें से 60 खाते देश भर में 53.55 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े 132 से अधिक मामलों में इस्तेमाल हुए थे। इस मामले में अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार होकर न्यायिक हिरासत में हैं। अधिकारियों ने कहा है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' लगातार जारी रहेगा।
इनपुट: IANS



