गुजरात में मानसून का कहर: भारी बारिश से नवसारी और वलसाड में बाढ़ जैसे हालात, नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर
गुजरात के कई जिले इस समय भारी मानसूनी बारिश की चपेट में हैं, जिससे जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। विशेष रूप से नवसारी, डांग, तापी और वलसाड में लगातार हो रही वर्षा के कारण प्रमुख नदियाँ उफान पर हैं और…
गुजरात के कई जिले इस समय भारी मानसूनी बारिश की चपेट में हैं, जिससे जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। विशेष रूप से नवसारी, डांग, तापी और वलसाड में लगातार हो रही वर्षा के कारण प्रमुख नदियाँ उफान पर हैं और कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन ने कई जगहों पर अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
राज्य के मंत्री नरेश पटेल ने स्थिति की गंभीरता पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा, "नवसारी में स्थिति कल से भी अधिक कठिन हो सकती है। डांग जिले के वाघई में 14 इंच से अधिक बारिश हुई है। कल रात 10 बजे से वंसदा में 15 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है।" पटेल ने लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने का आग्रह किया है।
नदियों का बढ़ता जलस्तर और प्रशासनिक कदम
नवसारी जिले में स्थिति काफी गंभीर है, जहाँ पूर्णा नदी का जलस्तर 24 फीट और कावेरी नदी का जलस्तर 27 फीट तक पहुँच गया है, जो अपने 19 फीट के खतरे के निशान से काफी ऊपर है। इसके चलते प्रशासन ने करीब 218 अंदरूनी सड़कों को बंद कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
डांग जिले में भी लगातार बारिश से अंबिका नदी पर स्थित प्रसिद्ध गिरा वॉटरफॉल में पानी का बहाव बेहद तेज हो गया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने पर्यटकों के वॉटरफॉल तक जाने पर रोक लगा दी है और लोगों से नदियों और झरनों से दूर रहने को कहा है।
सूरत और तापी में जलभराव से परेशानी
सूरत के दोसवाड़ा बांध के ओवरफ्लो होने से मिंधोला नदी में बाढ़ आ गई है। इसका असर बारडोली शहर पर पड़ा है, जहाँ सिविल कोर्ट इलाके के पास 50 से ज्यादा घर पानी में डूब गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है।
वहीं, तापी जिले में भारी बारिश के कारण नेशनल हाईवे 56 पर डोलवन के पास जलभराव हो गया, जिससे यातायात बाधित हुआ। व्यारा के कई इलाकों में भी मिंधोला नदी के उफान और एक तालाब से पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ की स्थिति बन गई है। वलसाड में भी औरंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे वहाँ भी बाढ़ जैसे हालात हैं।
इनपुट: IANS



