सूरत: 'डिजिटल अरेस्ट' कर दंपती से 13 लाख ठगे, दिल्ली से एक आरोपी गिरफ्तार
गुजरात के सूरत में एक दंपती को पांच दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर 13 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क के सदस्य को गिरफ्तार कर लिया गया है। सूरत साइबर क्राइम ब्रांच ने इस…
गुजरात के सूरत में एक दंपती को पांच दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर 13 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क के सदस्य को गिरफ्तार कर लिया गया है। सूरत साइबर क्राइम ब्रांच ने इस मामले में दिल्ली से एक 35 वर्षीय व्यक्ति को पकड़ा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर अपना बैंक खाता धोखेबाजों को इस्तेमाल करने के लिए दिया था, जिसके बदले उसे तीन लाख रुपये का कमीशन मिला था।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान अफाक आलम अंसारी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला है और मुंबई के मलाड वेस्ट में रहता है। वह उपकरणों का सप्लायर है। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर उसे दिल्ली से पकड़ा।
कैसे दिया गया ठगी को अंजाम?
साइबर ठगों ने सूरत के पीड़ित दंपती से फोन और वीडियो कॉल के जरिए संपर्क किया। उन्होंने दावा किया कि पीड़ित के नाम पर एक सिम कार्ड और केनरा बैंक में एक खाता खोला गया है, जिससे बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन हुआ है।
धोखेबाजों ने पीड़ित को यकीन दिलाने के लिए मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस के लोगो वाले नकली पहचान पत्र भेजे। इसके साथ ही सीबीआई, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट के नाम से भी फर्जी पत्र दिखाए गए। ठगों ने दंपती को डराया कि उनका नाम नरेश गोयल से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सामने आया है और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका है।
पांच दिन तक 'डिजिटल गिरफ्तारी'
आरोपियों ने दंपती को धमकी दी कि अगर उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसी बहाने उन्हें पांच दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा गया। इसके बाद, बैंक खातों के सत्यापन के नाम पर उनसे पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया। उनकी बातों में आकर पीड़ित ने अलग-अलग खातों में कुल 13 लाख रुपये जमा कर दिए।
बाद में जब दंपती को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच में पता चला कि गिरफ्तार आरोपी आलम ने दिल्ली के पते पर एक फर्म बनाई थी और यस बैंक में चालू खाता खुलवाया था। इसी खाते का इस्तेमाल ठगी के लिए किया गया था। जांचकर्ताओं ने पाया कि इस खाते से 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन हुआ था। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) पर भी इस खाते से जुड़ी 2.43 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की तीन अन्य शिकायतें दर्ज हैं।
इनपुट: IANS



