गुजरात में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, पीएम मोदी ने सीएम पटेल से की बात, केंद्र से मदद का भरोसा
गुजरात के कई हिस्से, विशेषकर दक्षिण गुजरात, इस समय भारी बारिश की चपेट में हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वलसाड जिले में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए बचाव और राहत कार्यों में तेज़ी लाई…
गुजरात के कई हिस्से, विशेषकर दक्षिण गुजरात, इस समय भारी बारिश की चपेट में हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वलसाड जिले में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए बचाव और राहत कार्यों में तेज़ी लाई गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात की और केंद्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
फोन पर हुई बातचीत में प्रधानमंत्री ने भारी बारिश से हुए नुकसान और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा और राहत के लिए केंद्र सरकार पूरी सहायता करेगी। इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात की थी, जिन्होंने राज्य को हर ज़रूरी मदद का आश्वासन दिया था।
बचाव अभियान में जुटीं कई टीमें
राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को और मज़बूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। वलसाड में पहले से ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की तीन और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की पाँच टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, NDRF की दो अतिरिक्त टीमें हवाई मार्ग से नई दिल्ली से भेजी गई हैं, जिनके गुरुवार शाम तक वलसाड पहुँचने की उम्मीद है। इसके अलावा, बचाव अभियान में मदद के लिए सेना के 70 जवानों की एक टुकड़ी को पाँच नावों के साथ भेजा जा रहा है। साथ ही, 25 सदस्यों वाली अग्निशमन सेवा की एक टीम भी वलसाड के लिए रवाना की गई है।
राज्य प्रशासन की सक्रियता
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को गांधीनगर स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र का दौरा किया और अधिकारियों व ज़िला कलेक्टरों के साथ स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने वलसाड के कलेक्टर और मंत्री नरेश पटेल से बात कर बचाव कार्यों की जानकारी ली और ज़रूरत पड़ने पर NDRF की और टीमें भेजने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही, सूरत और नवसारी के कलेक्टरों को भी निचले और जलभराव वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का निर्देश दिया गया है। दक्षिण गुजरात में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने वलसाड के कई इलाकों में बाढ़ ला दी है। डांग ज़िले में कई सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि नवसारी में जूज और केलिया बांध के ओवरफ्लो होने के बाद निचले गाँवों के लिए चेतावनी जारी की गई है। तापी ज़िले में भी बचाव दलों ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है।
एहतियात के तौर पर, सूरत ज़िले के सभी स्कूल गुरुवार को बंद रखे गए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण और मध्य गुजरात में आगे भी भारी बारिश का अनुमान जताया है, जिसे देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
इनपुट: IANS



