बुधवार, 1 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
राजस्थान

अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में चंबल के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की गला घोंटकर हत्या

चंबल के सबसे खतरनाक डकैतों में गिने जाने वाले जगन गुर्जर की सोमवार को अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल के भीतर ही गला घोंटकर हत्या कर दी गई। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह वारदात दोपहर के वक्त जेल परिसर के

अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में चंबल के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की गला घोंटकर हत्या
(फोटो: IANS)

चंबल के सबसे खतरनाक डकैतों में गिने जाने वाले जगन गुर्जर की सोमवार को अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल के भीतर ही गला घोंटकर हत्या कर दी गई। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह वारदात दोपहर के वक्त जेल परिसर के अंदर हुई, जिसने पुलिस और जेल प्रशासन दोनों को हिलाकर रख दिया।

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हाई-सिक्योरिटी जेल में दोपहर को हुई वारदात

प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि जगन गुर्जर पर दोपहर के समय हमला किया गया और गला घोंटे जाने के कारण उसकी मृत्यु हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जेल के वरिष्ठ अधिकारी भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुँच गए। जाँच की निगरानी के लिए अजमेर के पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ और गणेश राम, पुलिस उपाधीक्षक (उत्तर) मनीष बड़गुजर तथा सिविल लाइंस थाना प्रभारी शंभू सिंह शेखावत जेल पहुँचे।

हाई-सिक्योरिटी जेल के अधीक्षक पारसमल जांगिड़ और अजमेर सेंट्रल जेल के अधीक्षक समेत अन्य वरिष्ठ जेल अधिकारियों ने भी हालात का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।

फोरेंसिक टीमें सक्रिय, सबूत जुटाए जा रहे

घटना के तुरंत बाद फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (MOB) की टीमें जेल भेजी गईं। जाँचकर्ताओं ने घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए फिंगरप्रिंट, पैरों के निशान और अन्य फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद जेल के भीतर यह हमला कैसे संभव हुआ और क्या इसमें कोई अन्य कैदी अथवा जेल कर्मचारी शामिल थे।

कौन था जगन गुर्जर?

जगन गुर्जर राजस्थान के धौलपुर जिले के डांग इलाके के भावुतिपुरा गाँव का रहने वाला था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 1994 में अपने बहनोई की हत्या के बाद उसने बदले की भावना में गाँव के एक व्यक्ति को मार डाला और गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पत्नी व तीन भाइयों के साथ चंबल की घाटियों में जा छिपा।

वहाँ उसने अपना गिरोह बनाया और धीरे-धीरे राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में फैले चंबल क्षेत्र के सबसे खतरनाक डकैतों में अपनी गिनती करवाई। पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि उसके गिरोह ने सक्रिय रहने के दौरान हत्या, अपहरण, जबरन वसूली सहित कई गंभीर वारदातों को अंजाम दिया था।

अब जब वह खुद जेल की चहारदीवारी के भीतर मारा गया है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि हाई-सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा-व्यवस्था में कहाँ चूक हुई। उच्च-स्तरीय जाँच जारी है।

इनपुट: IANS

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